टॉप टेनिस खिलाड़ियों के विद्रोह के बाद इंडोनेशिया के खिलाफ अगले माह होने वाले डेविस कप टाई के लिए सोमदेव देववर्मन की वापसी शनिवार को लगभग तय मानी जा रही है।
ऑल इंडिया टेनिस एसोसिएशन (आईटा) की ओर से बंगलूरू में पांच से सात अप्रैल को होने वाले इस टाई के लिए शनिवार को टीम का चयन किया जा रहा है। हालांकि सोमदेव, यूकी भांबरी पर संशय नहीं है लेकिन लंदन ओलंपिक से पहले लिएंडर पेस के साथ खेलने से इंकार करने वाले महेश भूपति और रोहन बोपन्ना का चयन संदेह के घेरे में है।
आईटा के सीईओ हिरनमॉय चटर्जी का कहना है कि टीम का चयन रैंकिंग के आधार पर होगा। लेकिन वह यह भी कहते हैं कि चयन पर अंतिम निर्णय सिर्फ आईटा चयन समिति का ही होगा। ताजा एटीपी रैंकिंग में लिएंडर आठवें स्थान के साथ टॉप पर हैं। लेकिन भूपति 10 और बोपन्ना 12वें स्थान के साथ उनसे पीछे हैं।
रैंकिंग को आधार माना जाए तो भूपति का दावा मजबूत बैठता है। लेकिन आईटा के सूत्र बताते हैं कि भूपति और बोपन्ना का चयन मुश्किल है। इन दोनों ही खिलाड़ियों को लिएंडर के साथ नहीं खेलने पर आईटा ने दो साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया था। लेकिन उसके इस निर्णय पर हाईकोर्ट की ओर से रोक लगा दी गई थी।
भूपति और बोपन्ना का चयन नहीं कर आईटा पेस के साथ नहीं खेलने जैसे विवाद को फिर जन्म देने के मूड में नहीं है। हालांकि इन दोनों का ही चयन नहीं होना एक और नए विवाद को जन्म दे सकता है। सूत्रों की मानें तो लिएंडर के साथ विष्णु वर्धन या फिर कोरिया के खिलाफ खेलने वाले पूरव राजा में से एक को उतारा जा सकता है।
हालांकि रैंकिंग को आधार मानें तो 354वां स्थान रखने वाले सोमदेव भी यूकी (257), सनम सिंह (297), श्रीराम बालाजी (314), विष्णु वर्धन (347) से पीछे हैं। लेकिन हाल ही में वर्ल्ड नंबर 39 फ्रांस के बेनो पियरे को हराने के बाद सिंगल्स के लिए वही नंबर एक पसंद होंगे। टीम के चयन के साथ कप्तान एसपीएस मिश्रा पर भी फैसला होना है। सूत्र बताते हैं कि खिलाड़ियों की मांग के बावजूद आईटा मिश्रा को कप्तान बनाए रखने के मूड में है। लेकिन इसको लेकर भी आम राय नहीं है।