पुरुष वर्ग में जुआन मार्टिन डेल पोत्रो ने जाइल्स सिमोन के खिलाफ दो दिन तक चला मुकाबला जीतकर अंतिम आठ में प्रवेश कर लिया। उनकी टक्कर अब दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी राफेल नडाल से होगी। पोत्रो ने फ्रांस के सिमोन को 7-6 (7/1), 7-6 (7/5), 5-7, 7-6 (7/5) से हराया। यह मैच सोमवार को अधिक रात होने के कारण नहीं खेला जा सका था। तब अर्जेंटीनी खिलाड़ी 2-1 से आगे चल रहा था।
पोत्रो ने कोर्ट दो पर लगभग साढ़े चार घंटे बिताने के बाद पांचवें मैच प्वाइंट पर जीत दर्ज की। अन्य क्वार्टर फाइनल में शीर्ष वरीयता प्राप्त रोजर फेडरर का सामना दक्षिण अफ्रीका के आठवें वरीय केविन एंडरसन से, अमेरिका के नौवें वरीय जॉन इस्नेर का कनाडा के 13वें वरीय मिलोस रॉओनिक से और सर्बिया के 12वें वरीय नोवाक जोकोविच का जापान के 24वें वरीय केई निशिकोरी से होगा।
साल के तीसरे ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट विंबलडन में इस बार महिला वर्ग में क्वार्टर फाइनल से पहले ही शीर्ष दस खिलाड़ियों में से नौ बाहर हो गईं, जबकि एक क्वार्टर फाइनल में। 1927 से वरीयता शुरू करने के बाद से यह पहला मौका है जब शीर्ष आठ खिलाड़ी अंतिम-8 से पहले ही हार गईं। अनजान खिलाड़ियों ने यहां अपनी छाप छोड़ी वहीं दिग्गज धराशाई हो गईं। बेल्जियम की एलिसन वान और ताइवान की सिह सु वेई भविष्य की उम्मीद बनकर उभरी हैं।
समलैगिक एलिसन : 47
बेल्जियम की 24 वर्षीय समलैंगिक एलिसन वान भले ही अंतिम-16 से आगे नहीं बढ़ पाईं लेकिन अपने शानदार प्रदर्शन से उन्होंने सभी का दिल जीत लिया। दूसरे दौर में गत चैंपियन गरबाइन मुगुरुजा का शिकस्त देकर तहलका मचाने वाले एलिसन का यह पहला विंबलडन था और इसे यादगार बनाते हुए वह चौथे दौर तक पहुंचीं। ग्रैंड स्लैम में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2015 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचना रहा है। इसके लिए अलावा वह कभी किसी ग्रैंड स्लैम में पहले दौर से आगे नहीं बढ़ी थीं। ग्रीट मिनेन के साथ अपने संबंध के बारे में उनका कहना है कि हमने इसे सिर्फ निजी नहीं बनाने और अपने लिए नहीं रखने का फैसला किया है। मैं खुश हूं। मुझे सिर्फ ऐसा लगता है कि हमें इस पर शर्मिदा नहीं होना है। यही वजह है कि मैं क्यों स्वछंद भी होना चाहती हूं। मैं बीमार नहीं हूं। मुझे कोई बीमारी नहीं है, लेकिन मुझे लगता है कि यह अच्छा है कि मैं एक समलैंगिक इंसान के रूप में सामने आ सकी।
-02 डब्ल्यूटीए खिताब अभी तक एलिसन ने जीते हैं।
सिह-सु-वेई : रैंकिंग 48
ताईवान की वेई ने तीसरे दौर में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी सिमोना हालेप को हराकर अपने कॅरिअर की सबसे बड़ी जीत दर्ज की। पिछले दो विंबलडन में पहले ही दौर में हारने वाली 32 वर्षीय वेई पहली बार इस टूर्नामेंट के अंतिम-16 में पहुंची। हालांकि अगले दौर में वह डोमिनिका सिबुलकोवा से हारकर बाहर हो गईं। दुनिया की 48वें नंबर की खिलाड़ी ने इसी साल ऑस्ट्रेलियन ओपन में दुनिया की तीसरे नंबर की खिलाड़ी मुगुरुजा को भी शिकस्त दी थी।
-02 डब्ल्यूटीए और 27 आईटीएफ खिताब वेई ने जीते हैं।
डोना वेसिस : रैंकिंग 55
क्रोएशिया की 22 वर्षीय डोना वेकिस ने पहले ही दौर में फ्रेंच ओपन की उपविजेता और यूएस ओपन चैंपियन और चौथे नंबर की अमेरिका की स्लोएने स्टीफंस को उलटफेर का शिकार बनाकर सनसनी मचा दी। दूसरे दौर से आगे नहीं बढ़ने वाली डोना ने पहली बार कॅरिअर में शीर्ष पांच में शुमार किसी खिलाड़ी को हराया। स्विट्जरलैंड के टेनिस स्टार स्टेन वावरिंका की गर्लफ्रेंड डोना ने पहली बार ग्रास कोर्ट पर अंतिम 16 में पहुंचकर भविष्य की उम्मीद जगा दी है।
-02 डब्ल्यूटीए और पांच आईटीएफ खिताब डोना ने जीते हैं।