फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

टेनिस: सानिया के बेटे और बहन को मिला ब्रिटेन का वीजा, रिजिजू को कहा शुक्रिया

Thu, 03 Jun 2021 05:42 PM IST
मुकेश कुमार झा स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

खेल मत्रालय ने कुछ सप्ताह पहले विदेश मंत्रालय से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की थी और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने मंगलवार को कहा कि सानिया के बेटे और बहन के वीजा को मंजूरी मिल गई है।
विज्ञापन
सानिया मिर्जा - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारतीय टेनिस स्टार सानिया मिर्जा ने खेल मंत्री किरेन रिजिजू और अन्य का अपने बेटे और बहन के ब्रिटेन के वीजा को मंजूरी दिलाने में उनके त्वरित हस्तक्षेप के लिए गुरुवार को आभार व्यक्त किया। अब ये दोनों ओलंपिक की तैयारी के लिए आयोजित टूर्नामेंट में उनके साथ जा सकते हैं।

विज्ञापन


खेल मत्रालय ने कुछ सप्ताह पहले विदेश मंत्रालय से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की थी और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) ने मंगलवार को कहा कि सानिया के बेटे और बहन के वीजा को मंजूरी मिल गई है। 34 साल की छह युगल ग्रैंडस्लैम विजेता ने ट्वीट कर सभी को मदद करने के लिए शुक्रिया कहा।

सानिया ने ट्वीट किया, 'मैं खेल मंत्री किरेन रिजिजू सर, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन में भारतीय दूतावासों, साई और ब्रिटिश सरकार का मेरे बेटे इजहान और मेरी बहन अनम को वीजा दिलाने में मदद के लिए शुक्रिया करना चाहती हूं जिससे ये मेरे साथ टूर्नामेंट के लिए ब्रिटेन की यात्रा कर पाएंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय का बहुत शुक्रिया।'
विज्ञापन


भारत को आपकी उपलब्धियों पर गर्व है- रिजिजू
टोक्यो ओलंपिक की तैयारियों के अंतर्गत सानिया को बर्मिंघम ओपन (14 जून से), ईस्टबोर्न ओपन (20 जून से) और विम्बलडन (28 जून से) में हिस्सा लेना है। सानिया के ट्वीट का जवाब देते हुए रिजिजू ने उन्हें ओलंपिक के लिए शुभकामनाएं दीं। रिजिजू ने ट्वीट किया, 'भारत को आपकी उपलब्धियों पर गर्व है। आप फिर से आगामी ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिये तैयारी में जुटी हो, हमारी शुभकामनायें आपके और पूरे भारतीय ओलंपिक दल के साथ हैं।'



सानिया सरकार की 'टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम' (टॉप्स) का हिस्सा हैं, उन्हें वीजा मिल गया था लेकिन भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों के कारण लगी यात्रा पाबंदियों के कारण उनके बेटे और उसकी देखभाल करने वाले को वीजा नहीं मिला था।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें