भारतीय टेनिस खिलाड़ी साकेत मियानी को आखिरकार अपने करियर का पहला ग्रैंड स्लैम खेलने का मौका मिल ही गया। 28 वर्षीय साकेेत मियानी क्वालीफायर्स के जरिए यूएस ओपन के मेन ड्रॉ में जगह बनाने वाले पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी भी बन गए हैं।
इससे पहले मियानी ऑस्ट्रेलियन ओपन क्वालीफायर्स के तीसरे राउंड में और फ्रेंच ओपन के दूसरे राउंड में हारकर बाहर हो गए थे। लेकिन इस बार उनका ग्रैंड स्लैम में जगह बनाने की कोशिश नाकाम नहीं हुई।
विश्व रैंकिंग में 143वें पायदान वाले मियानी का मेन ड्रॉ का सफर भी आसान नहीं होगा। पुरुषों की एकल स्पर्धा के मेन ड्रॉ के पहले दौर में उनका मुकाबला चेक रिपब्लिक के 48 वीं रैंक वाले 23 वर्षीय जीरी वीसली से होगा। यदि वह यह मुकाबला जीत भी जाते हैं तो दूसरे दौर में उनकी भिड़ंत विश्व नंबर एक नोवाक जोकोविक से होगी।
इसलिए अभी से यह साफ दिखाई पड़ रहा है कि यूएस ओपन में वह बहुत आगे तक की दूरी तय नहीं कर पाएंगे। यदि वह तीसरे दौर तक पहुंचने में सफल होते हैं तो हाल के वर्षों में हुआ सबसे बड़ा उलटफेर होगा। क्वालीफायर्स के दौरान साकेत के दोस्तों का एक समूह साकी स्क्वैड के नाम से साकेत का समर्थन कर रहा था।
किसी ग्रैंड स्लैम के पुरुष युगल के मेन ड्रॉ में जगह बनाने वाले आखिरी भारतीय यूकी भांबरी थे। भांबरी साल 2015 में ऑस्ट्रेलियन ओपन के मेन ड्रॉ में जगह बनाने में सफल हुए थे। भांबरी की वर्तमान विश्व रैंकिंग 171 है और उन्हें क्वालीफायर के पहले ही दौर में हार का सामना करना पड़ा।