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हाईकोर्ट के नोटिस के बावजूद सानिया को मिलेगा खेल रत्न

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कर्नाटक हाईकोर्ट का खेल मंत्रालय और सानिया मिर्जा को नोटिस जारी करने के बावजूद खेल पुरस्कार के कार्यक्रम में परिवर्तन नहीं किया गया है। खेल मंत्रालय न सिर्फ सानिया मिर्जा को राजीव गांधी खेल रत्न देने जा रहा है बल्कि नेशनल स्पोर्ट्स डे पर 29 अगस्त को ही राष्ट्रपति भवन में कार्यक्रम आयोजित करेगा।
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वहीं पिछले विवादों को देखते हुए इस बार खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड कमेटी की कमान सेवानिवृत हाईकोर्ट चीफ जस्टिस वीके बाली को सौंपी गई बावजूद इसके राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों पर कोर्ट केसों की छाया पड़ गई है।
पैरालंपियन एचएन गिरिशा, कुश्ती कोच विनोद कुमार, एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट सीमा अंतिल पूनिया, टेंट पिन बाउलिंग खिलाड़ी शेख अब्दुल हमीद के बाद बृहस्पतिवार को बॉक्सर केसी लेखा ने भी अवॉर्ड को लेकर खेल मंत्रालय को कोर्ट में घसीट लिया।
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यही नहीं कुछ और कोर्ट केस होने जा रहे हैं। द्रोणाचार्य अवॉर्ड नहीं दिए जाने पर वेटलिफ्टर श्यामला शेट्टी ने भी कोर्ट जाने की तैयारी कर ली है।
खेल मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि "उन्हें हाईकोर्ट का नोटिस आज प्राप्त हो गया है। मंत्रालय से 10 दिनों के अंदर जवाब मांगा गया है। कोर्ट के इस आदेश को पूरा किया जाएगा। ऐसे में सानिया को खेल रत्न देने और कार्यक्रम को रोकने का सवाल पैदा नहीं होता है।"
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वे‌टलिफ्टर श्यामला और गोल्ड मेडलिस्ट सीमा जाएंगी कोर्ट

द्रोणाचार्य अवॉर्ड कमेटी की बैठक में वेटलिफ्टर श्यामला शेट्टी के नाम पर मुहर लग गई थी, लेकिन अंतिम क्षणों में उनका नाम डोप में फंसने के चलते काट दिया गया। श्यामला कोर्ट में इसी को उठाने जा रही हैं।
उनका कहना है कि जिस 1991 के केस के लिए उन्हें अवॉर्ड नहीं दिया गया। उस वक्‍त साई लैब की मान्यता नहीं थी, साथ ही उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। फिर बतौर कोच उनका कोई शिष्य कभी डोप में नहीं फंसा। ऐसे में उन्हें अवॉर्ड से कैसे वंचित किया जा सकता है।
इसके अलावा एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट सीमा अंतिल ने भी राजीव गांधी खेल रत्न के साथ अर्जुन अवॉर्ड के लिए आवेदन किया था, लेकिन साल 2000 में जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप में डोप में फंसने के चलते उनकी दावेदारी को खारिज किया गया।
उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में यही दावा ठोका है कि एक तो इस मामले पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई थी दूसरी ओर उन्होंने देश के लिए कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई खेलों में पदक जीते हैं। उन्हें कैसे नजरअंदाज किया जा सकता है?
सीमा अंतिल और श्यामला के केस में अगर उनके हक में फैसला आता है तो यह लैंडमार्क निर्णय माना जाएगा। जिसमें मंत्रालय को अपनी अवॉर्ड पॉलिसी में भी परिवर्तन करना होगा।
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