देश के शीर्ष टेनिस खिलाड़ियों ने अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के साथ अस्थायी समझौता करने के कुछ ही दिन बाद अपने पेशेवर हितों की रक्षा के लिए सोमवार को भारतीय टेनिस खिलाड़ी संघ (आईटीपीए) बनाने का ऐलान कर दिया। आईटीपीए ने कहा है कि वह टेनिस खिलाड़ियों के अंतरराष्ट्रीय संगठन (एटीपी) की भांति काम करेगा और सदस्य खिलाड़ियों को अपनी समस्याओं को रखने के लिए एक मंच प्रदान करेगा।
उल्लेखनीय है कि लिएंडर पेस को छोड़कर देश के 11 शीर्ष खिलाड़ियों ने एआईटीए के खिलाफ बगावत का झंडा बुलंद करते हुए दक्षिण कोरिया के साथ नई दिल्ली में हुए डेविस कप मुकाबले का बहिष्कार किया था। भारत को इसमें 1-4 से शिकस्त मिली थी। लेकिन हाल ही में इन खिलाड़ियों ने एआईटीए के साथ अस्थायी समझौता करते हुए पांच से सात अप्रैल तक इंडोनेशिया के खिलाफ होने वाले डेविस कप मुकाबले के लिए खुद को उपलब्ध घोषित किया था। हालांकि इसके लिए उन्होंने एआईटीए के सामने कुछ शर्तें रखी हैं।
इस बीच एआईटीए के मुख्य कार्यकारी हिरनमय चटर्जी ने आईटीपीए के गठन पर कहा, ‘हमने अभी तक केवल इसके बारे में सुना है। अगर वे मान्यता के लिए आवेदन करते हैं तो इस पर कार्यकारी समिति में चर्चा की जाएगी और फैसले के बारे में उन्हें बता दिया जाएगा। खिलाड़ियों ने अपनी सहूलियत के लिए इस संस्था का गठन किया है और हमें इससे कोई समस्या नहीं है। उम्मीद है कि नई संस्था के गठन से खिलाड़ियों के साथ चल रही बातचीत की प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
‘हमारा मानना है कि आईटीपीए खिलाड़ियों को एक मंच प्रदान करेगा ताकि वे एकजुट होकर अपनी आवाज उठा सकें और देश में टेनिस के सुधार के लिए अपनी सलाह दे सकें।
- सोमदेव देववर्मन