फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Wimbledon: स्वियातेक पहली बार बनीं विंबलडन चैंपियन, एक भी गेम नहीं जीत सकीं अमांडा; 114 साल में ये पहली बार

Sat, 12 Jul 2025 09:46 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, लंदन

सार

स्वियातेक ने फाइनल में अमांडा एनिसिमोवा को एकतरफा अंदाज में लगातार सेटों में 6-0, 6-0 से हराया। अमांडा का प्रदर्शन इतना निराशाजनक रहा कि वह एक भी गेम अपने नाम कर सकीं।
विज्ञापन
इगा स्वियातेक - फोटो : PTI
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

पोलैंड की इगा स्वियातेक ने शानदार प्रदर्शन करते हुए वर्ष के तीसरे ग्रैंडस्लैम विंबलडन के महिला एकल वर्ग का खिताब जीत लिया है। स्वियातेक ने फाइनल में अमांडा एनिसिमोवा को एकतरफा अंदाज में लगातार सेटों में 6-0, 6-0 से हराया। अमांडा का प्रदर्शन इतना निराशाजनक रहा कि वह एक भी गेम अपने नाम कर सकीं। स्वियातेक पोलैंड की पहली महिला खिलाड़ी हैं जिन्होंने विंबलडन का खिताब जीता है।
विज्ञापन

छठा ग्रैंडस्लैम जीता
महिलाओं में पूर्व नंबर एक स्वियातेक ने अब तक कभी विंबलडन का खिताब नहीं जीता था। महिला एकल वर्ग में यह उनका छठा ग्रैंडस्लैम खिताब है। इससे पहले उन्होंने चार बार फ्रेंच ओपन और एक बार यूएस ओपन का खिताब जीता था। स्वियातेक ने 2020, 2022, 2023, 2024 में फ्रेंच ओपन और 2022 में यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया था। 

शुरुआत से सहज नहीं दिखीं अमांडा
स्वियातेक ने महज 57 मिनट में खिताबी मुकाबला अपने नाम किया। यह 114 साल में पहली बार हुआ है जब टूर्नामेंट के महिला एकल वर्ग के फाइनल में कोई खिलाड़ी एक भी गेम अपने नाम नहीं कर सकी है। स्वियातेक का इसके साथ ही बड़े खिताबी मैचों में रिकॉर्ड 6-0 हो गया है। अमांडा शुरुआत से ही मुकाबले में सहज नजर नहीं आईं और उन्होंने 28 बेजां भूलें की। 

ग्रैंडस्लैम में दर्ज की 100वीं जीत
स्वियातेक की यह करियर ग्रैंडस्लैम में 100वीं जीत है। उन्होंने 2019 में ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रॉ में डेब्यू किया था और तब से उनका ग्रैंडस्लैम के मुख्य ड्रॉ में रिकॉर्ड 100-20 का हो गया है। स्वियातेक 2022, 2023 और 2024 में ज्यादातर समय डब्ल्यूटीए रैंकिंग में शीर्ष पर रहीं, लेकिन ऑल इंग्लैंड क्लब में वह आठवीं वरीयता खिलाड़ी के तौर पर उतरी थीं।
विज्ञापन

23 साल की एनिसिमोवा का किसी ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट का यह पहला फाइनल था। वह 2019 में 17 साल की उम्र में फ्रेंच ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थीं, लेकिन उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य का हवाला देते हुए ब्रेक लिया था। एनिसिमोवा के लिए यह बड़ी हार है। एनिसिमोवा अपने प्रदर्शन से काफी निराश दिखीं और मैच के बाद अपने आंसू नहीं रोक सकीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें