निशेश बसावारेड्डी ने फ्रेंच ओपन 2026 में ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने टेनिस जगत को चौंका दिया। भारतीय मूल के इस युवा अमेरिकी खिलाड़ी ने रोलां गैरो के पहले दौर में सातवीं वरीयता प्राप्त टेलर फ्रिट्ज को हराकर टूर्नामेंट का सबसे बड़ा उलटफेर कर दिया। 21 वर्षीय निशेश ने चार सेट तक चले मुकाबले में फ्रिट्ज को 7-6(5), 7-6(5), 6-7(9), 6-1 से मात दी। दुनिया में 148वीं रैंकिंग वाले खिलाड़ी से ऐसी उम्मीद बहुत कम लोगों ने की थी, लेकिन उन्होंने शानदार खेल दिखाकर सबको हैरान कर दिया।
रोलां गैरो में गूंजे 'निशेश' के नारे
जैसे ही फ्रिट्ज चौथे सेट में पूरी तरह दबाव में आए और मुकाबला हार गए, कोर्ट सुजैन लेंगलेन का माहौल बदल गया। दर्शकों ने खड़े होकर निशेश का जोरदार स्वागत किया और पूरा स्टेडियम 'निशेश! निशेश!' के नारों से गूंज उठा। फ्रेंच दर्शकों का यह सम्मान इस युवा खिलाड़ी के लिए बेहद खास पल बन गया। यह उनके करियर की पहली टॉप-10 जीत भी रही। इसके साथ ही वह साल 2000 के बाद रोलां गैरो में किसी टॉप-10 खिलाड़ी को हराने वाले पहले अमेरिकी पुरुष खिलाड़ी बने।
ड्रॉप शॉट्स और आक्रामक खेल ने दिलाई जीत
मुकाबले के दौरान निशेश ने अपनी रणनीति और विविधता से फ्रिट्ज को लगातार परेशान किया। उनके बेहतरीन ड्रॉप शॉट्स और निडर शॉट मेकिंग ने सातवीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी की लय बिगाड़ दी। फ्रिट्ज घुटने की चोट के कारण लंबे समय से ज्यादा मैच नहीं खेल पाए थे और निशेश ने इसका पूरा फायदा उठाया।
ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी दिखाया था दम
यह पहली बार नहीं है जब निशेश ने बड़े मंच पर अपनी छाप छोड़ी हो। इससे पहले ऑस्ट्रेलियन ओपन 2026 में उन्होंने अपने आदर्श नोवाक जोकोविच को कड़ी चुनौती दी थी। ग्रैंड स्लैम डेब्यू में वह मुकाबला हार जरूर गए थे, लेकिन उनके जुझारू खेल की काफी तारीफ हुई थी। खुद जोकोविच ने भी माना था कि युवा खिलाड़ी ने उन्हें अपने खेल से प्रभावित किया।
फ्रेंच भाषा में जीत लिया दिल
मैच के बाद निशेश ने फ्रेंच भाषा में दर्शकों का धन्यवाद कर सभी का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा, 'आपके सामने यहां खेलना अविश्वसनीय अनुभव है। आज मिले समर्थन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद।' इसके बाद अंग्रेजी में उन्होंने कहा, 'यह मेरे करियर की सबसे बड़ी जीत है। पहला फ्रेंच ओपन मेन ड्रॉ और इतना समर्थन मिलना अविश्वसनीय है।' दूसरे दौर से पहले उन्होंने मुस्कुराते हुए दर्शकों से कहा, 'अगले मैच में भी मुझे आप सभी का समर्थन चाहिए होगा।' रोलां गैरो में मिली यह जीत शायद निशेश बसावारेड्डी के करियर का वह पल साबित हो सकती है, जहां एक उभरता खिलाड़ी अब टेनिस की बड़ी दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।