ओलंपिक में जापान को गोल्ड मेडल की उम्मीद जगाने के लिए दो बार की ग्रैंड स्लैम चैंपियन नाओमी ओसाका अमेरिका की नागरिकता छोड़ना चाहती हैं। ओसाला अगले साल होने वाले टोक्यो ओलंपिक में जापान का तिनिधित्व करना चाहती हैं। इसके लिए उन्होंने जोर आजमाइश करनी शुरु कर दी है।
जापानी चैनल एनएचके के मुताबिक, ओसाका की पैदाइश जापान की है। उनकी मां जापान की हैं, जबकि उनके पिता हैटियन हैं, लेकिन ओसाका का लालन-पालन अमेरिका में हुआ है। दरअसल, ओसाका ओलंपिक में जापान का प्रतिनिधित्व करना चाहती हैं और इस कोशिश में वह पूरी तरह से जुट गईं हैं।
बता दें कि जापानी कानून के मुताबिक, 22 वर्ष की आयु से पहले दोहरी राष्ट्रीयता वाले लोगों को चुना जाता है और इसी 16 अक्तूबर को ओसाका का 22 वां जन्मदिन है।
जापानी चैनल से बात करते हुए ओसाका ने कहा, 'मुझे लगता है कि मैं देश के लिए खेलकर अपनी भावनाओं को और अधिक बढ़ा सकूंगा। यह देश और मेरे लिए गौरव की बात होगी।' गौरतलब है कि हाल ही में बीते रविवार को नाओमी ओसाका ने चाइना ओपन के फाइनल में दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी एश्ले बार्टी को हराया था।
बता दें कि डब्ल्यूटीए टूर पर ओसाका जापानी झंडे के नीचे खेलती थी। साल 2017 में ओसाका ने देश के लिए फेड कप में डेब्यू किया था। बता दें कि महिला एकल में जापान के खाते में अभी तक तीम पदक आए हैं, जिसमें एक भी स्वर्ण पदक नहीं है। वहीं, जापान ने ओलंपिक में एक रजत और एक कांस्य पदक जीते हैं।