कर्नाटक हाईकोर्ट ने स्टार टेनिस खिलाड़ी महेश भूपति और रोहन बोपन्ना पर अनुशासनहीनता के आधार पर दो वर्ष का प्रतिबंध लगाने के अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के फैसले पर शनिवार को रोक लगा दी। भूपति और बोपन्ना ने लंदन ओलंपिक में लिएंडर पेस के साथ जोड़ी बनाकर डबल्स में खेलने से मना कर दिया था, जिसके बाद ये दोनों खुद आपस में जोड़ी बनाकर ओलंपिक में उतरे थे। एआईटीए ने हाल ही में इन दोनों खिलाड़ियों के दो वर्ष तक देश के लिए खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया था।
दोनों ने एआईटीए के इस फैसले का कड़ा विरोध करते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। दोनों के वकील ने प्रतिबंध के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसे न्यायमूर्ति मोहन शांतनागौदर ने स्वीकार कर लिया। भूपति और बोपन्ना ने पेस के साथ जोड़ी बनाने से यह कहते हुए इंकार कर दिया था कि दोनों पिछले काफी समय से एक साथ अभ्यास कर रहे हैं।
साथ ही दोनों ने एआईटीए पर आरोप लगाया था कि संघ प्रोफेशनल खिलाड़ियों पर अपनी इच्छा थोप रहा है। हालांकि एआईटीए ने आखिरी क्षणों में भूपति और बोपन्ना को ओलंपिक में जोड़ीदार बनाने की इजाजत दे दी थी लेकिन बाद में कहा कि वह खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं करेगी और दोनों पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया। इन दोनों को इससे पहले डेविस कप टीम से भी बाहर कर दिया गया था।