जोहाना कोंटा ने डेनिश खिलाड़ी कैरोलिन वोज्नियाकी को हराकर मियामी ओपन टेनिस टूर्नामेंट के महिला एकल का खिताब अपने नाम कर लिया है। पिछले 40 साल के दौरान किसी ब्रिटिश महिला खिलाड़ी के हाथ लगा यह अब तक का सबसे बड़ा खिताब है।
वोज्नियाकी को 6-4 और 6-3 से मात देने वाली कोंटा ने इसके पहले किसी डब्ल्यूटीए टूर्नामेंट में अब तक कोई भी खिताब नहीं जीता था। कोंता से पहले 1977 में ब्रिटिश खिलाड़ी विर्जिनिया वेड ने विम्बल्डन खिताब जीता था। जीत के बाद कोंता ने कहा, ‘कैरोलिन जैसी खिलाड़ी के खिलाफ मैंने अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया।
तकनीकी तौर पर मैं जैसा करना चाहती थी, वैसा करने के लिए खुद को पूरा अवसर दिया। ’गौरतलब है कि गत जनवरी में ऑस्ट्रेलियन ओपन में भी कोंटा ने वोजनियास्की को शिकस्त दी थी। वोज्नियाकी की बात करें तो यह उनका साल का तीसरा फाइनल मुकाबला था लेकिन तीनों में ही उन्हें हार का सामना करना पड़ा।
इसके पहले उन्हें दुबई और दोहा में भी खिताबी भिड़ंत में हार का सामना करना पड़ा था। हार के बाद वोज्नियाकी ने कहा, ‘मैंने सोचा था कि साल का मेरा तीसरा फाइनल सौभाग्यशाली साबित होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब मुझे चौथे फाइनल से उम्मीद है। खेल के प्रति अपनी निरंतरता से मैं खुश हूं।’