भारतीय डेविस कप टीम को सोलह साल बाद घर में ग्रास कोर्ट पर खेलने का कोई फायदा नहीं हुआ। कलकत्ता साउथ क्लब में खेले जा रहे क्वालिफायर के शुरुआती दिन भारत को इटली के हाथों दोनों एकल मुकाबलों में शिकस्त का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही इटली ने 2-0 की बढ़त बना ली है।
अनुभावी आंद्रियास सेप्पी ने रामकुमार रामनाथन को सीधे सेटों में 6-4, 6-2 हराकर इटली को 1-0 से बढ़त दिलाई। इसके बाद भारतीय उम्मीदें शीर्ष खिलाड़ी प्रजनेश गुणेश्वरन पर थीं। दुनिया के 102वें नंबर के खिलाड़ी प्रजनेश को भी अपना पहला डेविस कप मुकाबला खेलने वाले 22 वर्षीय मातियो बेरेटिनी के हाथों 4-6,3-6 से शिकस्त का सामना करना पड़ा।
बोपन्ना पर दारोमदार
दो-शून्य से पिछड़ने के बाद अब भारत का दारोमदार दिग्गज रोहन बोपन्ना और दिविज शरण की जोड़ी पर है। इन दोनों को हर हाल में अब शनिवार को युगल मुकाबले में जीत दर्ज करनी होगी। इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी का सामना इटली के शीर्ष एकल खिलाड़ी मार्को सेचिनातो और 2015 ऑस्ट्रेलियन ओपन के विजेता सिमोन बोलेली से होगा। भारत अगर यह मुकाबला हार जाता है तो वह एशिया ओशियाना ग्रुप में ही बना रहेगा।
चीन के खिलाफ पिछड़ने के बाद जीत चुका है भारत
भारतीय टीम एशिया-ओसियाना ग्रुप एक में ऐसी स्थिति का सामना पहले भी कर चुकी है। चीन के खिलाफ शुरुआती दो मैच गंवाने के बाद उसने 3-2 की जीत दर्ज की थी। भारतीय गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपित ने कहा, ‘हम काफी अनुभवी हैं। अगर हम अपने मौके भुनाने में सफल रहे तो इसका फायदा मिलेगा। हमें देश के लिए खेलने के दबाव के बारे में पता है। उलटफेर होते हैं। चीन में ऐसा हुआ था। हमें पता है इटली की टीम चीन से काफी मजबूत है लेकिन हम एक बार में एक मैच पर ध्यान देंगे।
बेरेटिनी ने दूसरी बार प्रजनेश को हराया
इटली ने दुनिया के 19वें नंबर के खिलाड़ी मार्को सेचिनातो को एकल ड्रॉ से बाहर रखा और उनकी जगह युवा बेरेटिनी को मौका दिया। बेरेटिनी ने इससे पहले चेंगदू एटीपी में भी प्रजनेश को हराया था। उन्होंने शुरुआत में ही दो बड़े फोरहैंड शॉट की मदद से प्रजनेश पर 15-40 की बढ़त लेकर ब्रेक पॉइंट हासिल किया। दर्शक प्रजनेश का हौसला बढ़ा रहे थे लेकिन वह पहला सेट गंवाने के बाद वह थोड़े दबाव में आ गए, जिसका इटली के खिलाड़ी ने भी फायदा उठाया।
इससे पहले दुनिया के 37वें नंबर के खिलाड़ी सेप्पी ने धीमी शुरुआत की लेकिन एक घंटे 11 मिनट तक चला मुकाबला अपने नाम कर मेहमान टीम को शानदार शुरुआत दिलाई। इटली ने सेप्पी को सेचिनातो की जगह अपना नंबर एक खिलाड़ी घोषित करके जोखिम लिया था। मार्को ने पिछले साल फ्रेंच ओपन में नोवाक जोकोविच को हराया था। दुनिया के 133वें नंबर के खिलाड़ी रामकुमार दूसरे और आठवें गेम में दो ब्रेक पॉइंट भुनाने में नाकाम रहे।
भारतीय गैर खिलाड़ी कप्तान महेश भूपति ने कहा, 'अब हमारा पूरा ध्यान शनिवार के मैच पर है। हमें चुनौती से निपटना है। यह काफी मुश्किल होगा। पूरा जोर लगाना होगा।'