भारतीय डेविस कप टीम एशिया स्तर पर पिछले पांच साल में पहली बार हार के कगार पर पहुंच गई है। एशिया-ओसियाना ग्रुप में चीन के खिलाफ भारतीय टीम को दोनों एकल मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा है। दूसरे दौर के पहले दिन रामकुमार रामनाथन और सुमित नागल जीत दर्ज करने में असफल रहे।
पेट में मामूली चोट के कारण युकी भांबरी के हटने के बाद रामनाथन से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद थी। लेकिन वह चीन के उदीयमान यिबिंग वू से 6-7(4), 4-6 से मुकाबला गंवा बैठे। हाल में जूनियर विश्व रैंकिंग में नंबर एक पर काबिज रहे 18 साल के चीनी खिलाड़ी ने पिछले वर्ष यूएस ओपन में जूनियर एकल और युगल खिताब जीते थे।
रामनाथन के हारने के बाद युवा खिलाड़ी नागल के कंधों पर भारत को वापसी कराने का दारोमदार था। लेकिन वह 247वें रैंक के खिलाड़ी जे झांग के हाथों 4-6,1-6 से मुकाबला गंवा बैठे।
नहीं दिखी जीत की भूख
‘दोनों ने निराशाजनक खेल का प्रदर्शन किया। उनमें (जीत के लिए) कोई भूख, कोई जद्दोजहद और न ही कोई आक्रमकता दिखी।’ -महेश भूपति, गैर खिलाड़ी कप्तान