मारिया शारापोवा 17 साल की उम्र में रातोंरात स्टार बन गई थी, जब उन्होंने 2004 में विंबलडन खिताब जीता था। तब वह ऐसा करने वालीं तीसरी सबसे युवा खिलाड़ी बनीं थीं। मारिया ने 2008 में 20 वर्ष की उम्र में ऑस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब जीता था। उन्होंने 2012 और 2014 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीता है। मारिया शारापोवा 2005 और 2008 में सबसे अधिक बार सर्च की जाने वाली स्पोर्ट्स पर्सेनिलिटी रहीं थीं।
मारिया शारापोवा अपने करिअर में लगातार चोटों से जूझती रही हैं। 2007 में वह लंबे समय तक चोट से जूझीं। वह 2008 का ऑस्ट्रेलियन ओपन भी जीत सकती थीं लेकिन कंधे की दूसरी चोट ने सीजन के दूसरे हाफ में उन्हें मैदान से दूर कर दिया। वह यूएस ओपन और बीजिंग ओलंपिक में नहीं खेल सकीं।
उन्होंने हर साल 2003 से 2015 तक कम से कम एक एकल खिताब जीतने का रिकॉर्ड बनाया है। ऐसा रिकॉर्ड सिर्फ स्टेफी ग्राफ, मार्टिना नवारातिलोवा और क्रिस एवर्ट के नाम दर्ज है।
2012 और 2014 में फ्रेंच ओपन का खिताब जीतने वालीं शारापोवा ने ड्रग्स मामले में 15 महीने के प्रतिबंध के बाद अप्रैल 2017 में कोर्ट पर वापसी की थी। उन्हें 2016 ऑस्ट्रेलियन ओपन के दौरान प्रतिबंधित ड्रग्स मेल्डोनियम के इस्तेमाल का दोषी पाया गया था। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय टेनिस संघ ने उन पर बैन लगाकर उनके प्रतियोगिताओं में टेनिस खेलने पर रोक लगा दी थी।
मारिया शारापोवा ने एक भावुक खत लिखते हुए कहा, ‘टेनिस अब मैं तुम्हें अलविदा कह रही हूं। मैंने टेनिस को अपनी जिंदगी दी है और टेनिस ने मुझे पहचान। अब मैं खेल को, कोच को टीम को रोज मिस करूंगी। अपनी ट्रेनिंग को और दिनचर्या को भी। टेनिस ने ही बेपनाह खुशियां और आंसू दिए। एक ऐसा खेल जिसमें तुम्हें पूरा परिवार मिला। बेपनाह प्रशंसक मिले।’