भारतीय टेनिस टीम के शुक्रवार से शुरू होने वाले डेविस कप मुकाबले में कमजोर पाकिस्तान की चुनौती से आसानी से पार पाने की संभावना प्रबल है। पहले यह मुकाबला पाकिस्तान की मेजबानी में होना था लेकिन अंतरराष्ट्रीय टेनिस संघ (आईटीएफ) ने नाटकीय परिस्थितियों के बाद इसे तटस्थ स्थल नूर सुल्तान पर आयोजित करने का निर्णय लिया।
आईटीएफ के स्वतंत्र पंचाट ने पाकिस्तान टेनिस महासंघ की समीक्षा की अपील ठुकरा दी। भारतीय टीम सुमित नागल, रामकुमार रामनाथन और अनुभवी लिएंडर पेस जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की उपस्थिति से भारत पहले ही मजबूत दावेदार था। अब जबकि पाकिस्तान के शीर्ष खिलाड़ियों ऐसाम उल हक कुरैशी और अकील खान के हटने से यह मुकाबला बिल्कुल ही एकतरफा लगता है। अगर शीर्ष खिलाड़ी नहीं हटते तो पाकिस्तान कम से कम युगल मुकाबले में प्रतिस्पर्धा दे सकता था। ऐसाम और अकील ने टूर्नामेंट के तटस्थ स्थल पर कराने के विरोध में टाई से हटने का फैसला किया। भारतीय खिलाड़ियों में ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट का अनुभव मौजूद है जबकि पाकिस्तानी खिलाड़ी अब भी आईटीएफ फ्यूचर्स स्तर के टूर्नामेंट में छाप छोड़ने में जूझ रहे हैं। शून्य से कम तापमान के कारण यह मुकाबला इंडोर हार्ड कोर्ट पर खेला जाएगा।
पाकिस्तान के उन जूनियर खिलाड़ियों के लिए सीखने वाला अनुभव होगा जो इस मुकाबले में देश की चुनौती की अगुआई करेंगे। इस मुकाबले की विजेता टीम मार्च में क्रोएशिया में होने वाले 2020 में विश्व ग्रुप क्वालिफायर में जगह बनाएगी। शनिवार को मुकाबले के दूसरे दिन पेस और जीवन का सामना उलट एकल में शोएब और हुजाएफा से होगा। अगर भारत 3-0 की अजेय बढ़त बना लेता है तब भी चौथा मुकाबला खेला जाएगा। टीमों के पास पांचवें मुकाबले को नहीं खेलने का विकल्प है।