खेल के मैदान पर इतिहास रचा जा रहा था। बेटा और बेटी पहली बार अपने पापा का सपना पूरा कर रहे थे लेकिन पापा बेटे का मैच देखने नहीं गए। हालांकि पापा बेटी का मैच देखने गए लेकिन वो मैच ही हार गई।
साल के तीसरे ग्रैंड स्लैम विंबल्डन में 37 साल बाद एक अनोखा इतिहास उस समय बन गया जब टूर्नामेंट में भाई-बहन एक साथ अपने-अपने वर्ग में एकल मुकाबलों में उतरे।
स्कॉटपोर्ट में पले-बढ़े लियाम और नाओमी ब्रोडी ने एक ही खेल टेनिस को चुना। टेनिस में अपने करियर को संवारने के लिए दोनों ने काफी मेहनत भी किए। फ्रेड पैरी के जन्मस्थली से महज एक मील की दूरी पर दोनों ने अपना बचपन बिताया।
37 साल बाद पहली बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में एक साथ पुरुष और महिलाओं के एकल वर्ग में इंग्लैंड की ओर से खेलने वाले भाई-बहनों की पहली जोड़ी है। इससे पहले 1978 में बस्टर और लिंडा मोट्रेम नाम के भाई-बहन ने यह कारनामा किया था। भाई-बहन दोनों को वाइल्ड कार्ड से विंबल्डन में प्रवेश दिया गया था।
फिलहाल लियाम ब्रोडी इंग्लैंड में टेनिस की नई सनसनी बन गए हैं हालांकि उनका यहां तक का सफर उनके लिए आसान नहीं रहा है। वह लंदन में खेली जा रही विंबल्डन टेनिस टूर्नामेंट के दूसरे दौर में पहुंच गए हैं लेकिन उनकी बड़ी बहन नाओमी पहले ही सेट में सीधे सेट में हारकर टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। लियाम ने पहले दौर में ऑस्ट्रेलिया के मारिंको मातोसेविच को हराकर आगे का सफर जारी रखा।