अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने मंगलवार को अपने खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के लिए पाकिस्तानी वीजा हासिल करने की प्रक्रिया शुरू करने का फैसला किया जिससे संकेत मिलते हैं कि अगर आईटीएफ इस मुकाबले को तटस्थ स्थान पर करवाने की उसकी मांग को नामंजूर कर देता है तो वह अगले महीने के डेविस कप मैच के लिए टीम को पड़ोसी देश भेज सकता है। यह भी पता चला है कि एआईटीए किसी भी खिलाड़ी पर पाकिस्तान का दौरा करने के लिए दबाव नहीं बनाएगा और यहां तक कि अंतरराष्ट्रीय टेनिस महासंघ (आईटीएफ) से निलंबन, रेलीगेशन और जुर्माने से बचने के लिए दूसरे दर्जे की टीम भेजने को भी तैयार है।
एआईटीए सुरक्षा चिंताओं का हवाला देकर मुकाबले को किसी तटस्थ स्थल पर करवाने के लिए लगातार विश्व संस्था को लिख रहा है। एआईटीए के पदाधिकारियों ने मंगलवार को डीएलटीए में बैठक की जिसमें गैरखिलाड़ी कप्तान महेश भूपति ने भी हिस्सा लिया। इसमें वीजा प्रक्रिया शुरू करने और तटस्थ स्थल की मांग जारी रखने का फैसला किया गया।