साल के पहले ग्रैंड स्लैम ऑस्ट्रेलियन ओपन से पहले सिडनी इंटरनेशनल में खेल रहे टेनिस खिलाड़ी इन दिनों टूर्नामेंट में गर्म हवाओं और भयंकर तापमान से बेहाल हैं। ऐसे में महिलाओं में टॉप सीड पोलैंड की अग्निजेस्का रंदवास्का ने तो टूर्नामेंट ही रोके जाने की अपील कर दी है। वहीं चीनी खिलाड़ी ली ना ने इस गर्मी को 'स्टीम बाथ' से तुलना की है।
डब्ल्यूटीए रैंकिग में चौथे नंबर की खिलाड़ी रंदवास्का ने मंगलवार को जापान की किमिको डे क्रूम को 6-4, 6-3 से हराकर क्वार्टफाइनल में प्रवेश कर लिया। लेकिन अपनी जीत और अच्छे प्रदर्शन से उत्साहित होने की बजाय रंदवास्का ऑस्ट्रेलिया के सबसे बड़े शहर सिडनी में तापमान के 40 डिग्री पहुंचने से बेहाल दिखाई दी।
पिछले साल विम्बल्डन की उपविजेता 23 वर्षीय पोलिश खिलाड़ी ने कहा, 'मुझे लगता है कि यहां टेनिस खेलना संभव नहीं है। मेरा मानना है कि न सिर्फ खिलाड़ियों ही नहीं बल्कि कोर्ट में बैठने वाले बच्चों और मैच देखने आए दर्शकों सभी के लिए इस गर्मी में यहां मौजूद रहना संभव ही नहीं है।
स्टीम बाथ जैसी है गर्मीः ली ना
मौसम विभाग के अनुससार भी सिडनी में आने वाले एक दो दिनों में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से अधिक पहुंचने की संभावना है। इस बीच पूर्व फ्रेंच ओपन खिलाड़ी चीन की ली ना ने भी माना कि इस गर्मी में टेनिस खेलना बेहद कठिन हो रहा है। ली ना ने इस गर्मी को 'स्टीम बाथ' से तुलना की है। चीनी खिलाड़ी ने कहा, 'मुझे यकीन नहीं हो रहा यहां इतनी गर्मी है। लेकिन टेनिस कोर्ट पर तो तापतान 40 डिग्री से भी अधिक महसूस होता है। मैं पहला सेट खत्म ही कर पाई थी लेकिन मुझे लगा कि मेरे पैर जलने लगे हैं।'
उच्च तापमान और गर्मी के कारण खिलाड़ियों की परेशानियों को देखते हुए अधिकारियों तथा आयोजकों ने कई तरह के उपाय किए हैं। हालांकि इन सब से भी खिलाड़ी फिलहाल संतुष्ट दिखाई नहीं दे रहे हैं।