क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर का उपनाम यदि रिकॉर्ड रख दिया जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगा। क्रिकेट के मैदान पर लगभग हर रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके सचिन ने मैदान के बाहर भी रिकॉर्ड बनाने शुरू कर दिए हैं।
अभी बुधवार को ही सचिन ने आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माई वे’ का मुंबई में एक भव्य समारोह में विमोचन किया और 3 दिन में ही इसने किताबों की बिक्री के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
किताब के प्रकाशक हैचेट इंडिया की मानें तो फिक्शन और नॉन फिक्शन वर्ग में बाजार में आने से पहले अब तक किसी किताब की इतनी अग्रिम बुकिंग नहीं हुई है। किताब को लेकर लोगों में इसलिए भी क्रेज है क्योंकि इसमें उन्होंने कई दिलचस्प बातें भी बताई हैं, साथ ही कई विवादों को लेकर अपनी बात रखी है।
एक ही दिन में लोकप्रिय हुई किताब, लाख के पार पहुंची बुकिंग
प्रकाशक ने कहा, "किताब के विमोचन के बाद अगले दिन 6 नवंबर को शुरू हुई बिक्री में सुबह 11:30 बजे तक ही आर्डर 1.50 लाख को पार कर गई। किताब ने इस तरह सर्वाधिक अग्रिम बुकिंग के मामले में डान ब्राउन के इनफरनो, वाल्टर इस्साकसन के स्टीव जॉब्स और जेके रोलिंग के कैजुअल वैकेंसी को काफी छोड़ दिया है।"
इस बीच हैचेट इंडिया के प्रबंध निदेशक थॉमस अब्राहम ने प्रशंसकों से मिल रही सकारात्मक प्रतिक्रिया पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, "इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि मास्टर ब्लास्टर की कलम भी उसी रफ्तार से रिकॉर्ड बनाएगी जिस रफ्तार से उनके बल्ले ने मैदान पर बनाया। हमें खुशी है कि उन्होंने अपनी शुरुआत में ही हजारों की पारी खेली और विश्वास है कि यह तो अभी पारी की शुरुआत मात्र है।"
खेल योजना के लिए मोदी को सचिन का प्लान
दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने खेलों पर बड़े प्रस्ताव का संकेत दिया है जो उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा है और इसका जल्द ही खुलासा किया जाएगा।
अपनी बहुचर्चित आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माइ वे’ के ब्रिटेन में अनावरण पर तेंदुलकर ने कहा कि इस योजना का विस्तृत खाका जल्द ही जारी किया जाएगा।
राज्यसभा के सांसद ने राजनीति में आने की किसी भी योजना से इनकार किया लेकिन उन्होंने पुष्टि की कि प्रस्ताव को लेकर उनकी मोदी सरकार से बात हुई है और इसका जल्द खुलासा किया जाएगा। उन्होंने लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर लांच के अवसर पर कहा, "मैं खिलाड़ी था और हमेशा खिलाड़ी रहूंगा। मैंने हाल में एक प्रस्ताव सौंपा है जो मेरे विजन को दर्शाता है और प्रधानमंत्री ने उसे स्वीकार किया है।"