हिमालय की गोद में बसा तवांग एक बार फिर से खेल प्रेमियों के जोश से गूंजेगा। आज होने जा रही तवांग इंटरनेशनल मैराथन-2025 सिर्फ एक दौड़ नहीं, बल्कि भारतीय सेना के जज़्बे, अनुशासन और अदम्य मानवीय शक्ति का उत्सव होगी। इस मैराथन में देश और दुनिया के धावकों के साथ करीब 4 हजार लोग दुनिया के सबसे ऊंचाई में होने वाले दौड़ों से एक में हिस्सा लेंगे।
10,500 फीट की ऊंचाई पर आयोजित इस अनोखे आयोजन को तवांग ब्रिगेड बॉल ऑफ फायर डिवीजन के तत्वावधान में और नागरिक प्रशासन के सहयोग से आयोजित करने जा रही है। इस मैराथन का मकसद न सिर्फ खेल भावना को बढ़ावा देना है, बल्कि सैन्य और नागरिक एकता के संदेश को भी मजबूत करना है। मार्ग ऐसी ऊंचाई और दुर्गम इलाकों से होकर गुजरता है, जहां सांस लेना भी चुनौती है। बौद्ध मठों, घुमावदार पहाड़ी रास्तों और खूबसूरत घाटियों के बीच दौड़ने वाले प्रतिभागियों को न सिर्फ शारीरिक ताकत, बल्कि मानसिक सहनशक्ति की भी कड़ी परीक्षा देनी होगी।
मैराथन में चार श्रेणियां रखी गई हैं, 5 किमी, 10 किमी, हाफ मैराथन (21 किमी) और फुल मैराथन (42 किमी), ताकि हर स्तर के धावक अपनी क्षमता के अनुसार भाग ले सकें। प्रतियोगिता में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के नामचीन धावक हिस्सा ले रहे हैं।
इनमें शामिल हैं
- हवलदार दर्शन सिंह, साउथ एशियन एक्स कंट्री 2023 के 10 किमी वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले।
- सोनम स्टैंजिन, स्पीति मैराथन 2025 के 10 किमी वर्ग के विजेता।
- असिस्टेंट कमांडेंट प्रीति पोसवाल (भारतीय कोस्ट गार्ड) और लेफ्टिनेंट पारुल (भारतीय नौसेना), जो स्पीति मैराथन 2025 की विजेता और उपविजेता रहीं।
- एनके त्सेवांग तमचोस, पैंगोंग फ्रोज़न लेक मैराथन 2025 के रनर-अप।
- मंजीत सिंह बी, स्पीति मैराथन 2025 के विजेता।
इस वर्ष की प्रतियोगिता में मित्र देशों के अंतरराष्ट्रीय धावक भी भाग लेंगे, जिससे इस आयोजन को वैश्विक पहचान मिलेगी। सेना और स्थानीय प्रशासन के बीच बेहतरीन सिविल–मिलिट्री समन्वय, सुरक्षा इंतजाम और सटीक योजना इस आयोजन को खास बनाते हैं। तवांग की ऊंची चोटियों पर गूंजती यह दौड़ साबित करेगी कि भारतीय सेना का जज़्बा हर चुनौती से ऊंचा है।