शतरंज की चौसर पर दो भारतीय दिग्गजों के बीच दिलचस्प मुकाबला हुआ। भारतीय विश्व चैंपियन गुकेश को हराकर प्रज्ञानंदा विजेता बने हैं। उन्होंने टाईब्रेकर में मुकाबला जीतकर टाटा स्टील मास्टर्स की ट्रॉफी अपने नाम की है।
ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने शानदार वापसी करते हुए रविवार को यहां विश्व चैंपियन डी गुकेश को टाईब्रेकर में 2-1 से हराकर टाटा स्टील शतरंज टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। इससे पूर्व दोनों भारतीय खिलाड़ी अंतिम दिन अपनी बाजियां हार गए थे लेकिन दोनों के बीच खिताब के लिए टाईब्रेकर मुकाबला हुआ। दोनों के एकसमान साढ़े आठ अंक थे। उज्बेकिस्तान के नोदिरबेक अब्दुसत्तारोव को पी हरिकृष्णा ने ड्रॉ पर रोककर उन्हें पूरे अंक हासिल करने से रोक लिया था। एजेंसी
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05 बार आनंद ने यह खिताब जीता था
गुकेश को अंतिम दौर में हमवतन अर्जुन एरिगैसी को खिलाफ हार का सामना करना पड़ा जो विश्व चैंपियन बनने के बाद उनकी पहली हार थी जबकि प्रज्ञानंद को विन्सेंट कीमेर के खिलाफ हार मिली थी। अंतिम राउंड में दोनों खिलाड़ियों की हार से 2013 के कैंडिडेट टूर्नामेंट की याद ताजा हो गई जिसमें नॉर्वे के कार्लसन और रूस के व्लादिमीर क्रैमनिक बढ़त पर थे और हार गए थे।
प्रज्ञानंद से मैच हारने के बाद गुकेश निराश हो गए थे। सोशल मीडिया पर उनका एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह नाखुश दिख रहे हैं और मुंह को हाथ से छुपाते दिख रहे हैं। इतना ही नहीं वह भावुक भी दिखे और उनकी आंखों से आंसू निकले। वीडियो देखें...
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आनंद के बाद दूसरे भारतीय
प्रज्ञानंद टाटा स्टील मास्टर्स का खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय शतरंज खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद ने यह ट्रॉफी पांच बार जीती है।
धैर्य से मिली सफलता
टाईब्रेकर के बाद सडन डेथ की स्थिति आ गई। कड़े मुकाबले के बीच गुकेश नियंत्रण खो बैठे और अपना घोड़ा गंवा दिया। उसके बाद प्रज्ञानंद ने धैर्य बरतते सही तकनीक दिखाते हुए अंक बटोर लिया और पहली बार टाटा स्टील मास्टर्स में शानदार जीत हासिल कर ली।