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Sports Update: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने प्रज्ञानंद को किया सम्मानित, अतिका मीर से मिले मनसुख मांडविया

Mon, 08 Jun 2026 12:49 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद से मुलाकात की और उन्हें नॉर्वे शतरंज का खिताब जीतने पर 50 लाख रुपये की इनामी राशि दी। वहीं, केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भारत की 11 वर्षीय रेसर अतिका मीर से मुलाकात कर उन्हें मदद का भरोसा दिया। आइए जानते हैं खेल जगत की महत्वपूर्ण खबरें...
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खेल मंत्री मांडविया के साथ अतिका मीर - फोटो : PTI
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विस्तार
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तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद से मुलाकात की। प्रज्ञानंद ने हाल ही में नॉर्वे शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता था। विजय ने तमिलनाडु खेल प्राधिकरण की तरफ से प्रज्ञानंद को 50 लाख रुपये इनाम के तौर पर दिए। भारतीय शतरंज के युवा सितारे और ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने इतिहास रचते हुए प्रतिष्ठित नॉर्वे शतरंज टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया था। उन्होंने अंतिम राउंड में जर्मनी के विंसेंट कीमर को हराकर यह बड़ी उपलब्धि हासिल की और इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय खिलाड़ी बन गए थे।
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प्रज्ञानंद ने रचा था इतिहास
20 वर्षीय प्रज्ञानंद ने अंतिम दिन बेहद दबाव में खेलते हुए क्लासिकल जीत दर्ज की, जिसके उन्हें पूरे 3 अंक मिले। इस जीत के साथ उन्होंने कुल 18 अंकों के साथ शीर्ष स्थान हासिल कर खिताब अपने नाम कर लिया था। इस जीत की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि प्रज्ञानंद ने इस टूर्नामेंट में विश्व नंबर-1 मैग्नस कार्लसन को दो बार क्लासिकल मुकाबलों में हराया। यह उपलब्धि किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बेहद खास मानी जा रही है। इतना ही नहीं, इस टूर्नामेंट में भारतीय विश्व चैंपियन डी गुकेश भी हिस्सा थे, लेकिन वह खिताब की दौड़ से बाहर हो गए। इसके बावजूद प्रज्ञानंद ने भारत की उम्मीदों को जिंदा रखते हुए शानदार प्रदर्शन किया। 

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खेल मंत्री ने अतिका मीर को दिया आश्वासन
ग्रीस में चैंपियंस ऑफ द फ्यूचर एकेडमी (सीओटीएफए) के दूसरे दौर में शानदार सफलता हासिल करने वाली भारत की 11 वर्षीय रेसर अतिका मीर ने खेल मंत्री मनसुख मांडविया से मुलाकात की। मांडविया ने अपने आवास पर अतिका और उनके परिवार से मुलाकात की और मुंबई में जन्मी इस युवा रेसर को फॉर्मूला वन तक पहुंचने के सफर में मदद करने का वादा किया। कोई भी महिला ड्राइवर 1992 के बाद फॉर्मूला वन में भाग नहीं ले पाई है। अतिका को फॉर्मूला वन अकादमी से समर्थन हासिल है।

अतिका ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'सर, प्रोत्साहन और बहुमूल्य सलाह के लिए आभार। माननीय मंत्री ने मेरे हाल के प्रदर्शनों की सराहना की। उन्होंने मुझे फॉर्मूला वन में जगह बनाने के मेरे सपने को साकार करने में हर संभव मदद और समर्थन का आश्वासन भी दिया है।' अतिका मई के आखिरी सप्ताह में सीओटीएफए के इतिहास में चैंपियनशिप के राउंड 2.2 में क्वालिफाइंग और हीट में शीर्ष स्थान हासिल करने के बाद फाइनल में बड़े अंतर से जीत हासिल करने वाली केवल तीसरी ड्राइवर बनी थी। मांडविया भारत में फॉर्मूला वन की वापसी के लिए उत्सुक हैं। भारत ने आखिरी बार 2013 में फॉर्मूला वन की मेजबानी की थी।
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