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खुद की मेहनत से मिलते हैं पदक: सुशील

Fri, 26 Oct 2012 12:08 AM IST
जौनपुर/ब्यूरो
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ओलंपियन सुशील कुमार का मानना है कि खुद की मेहनत और सही रणनीति ही पदक दिलाती है। सुशील ने खुलासा किया कि ओलंपिक के दौरान उनकी रणनीति ठीक नहीं रही। वह शुरू से अग्रेसिव नहीं रहे। जबकि गोल्ड जीतने वाला खिलाड़ी पहले क्षण से ही दबाव बनाने में कामयाब हो गया। उनकी रणनीति थी कि शुरुआत में विरोधी को मौका दो और बाद में चित कर दो। लेकिन गोल्ड जीतने वाले खिलाड़ी ने शुरुआत से लेकर अंत तक मौका नहीं दिया। सुशील गुरुवार को सिकरारा के शेरवां इंटर कालेज में आयोजित अखिल भारतीय कुश्ती दंगल में हिस्सा लेने पहुंचे थे।
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कुश्ती दंगल से पहले सांसद धनंजय सिंह के कालीकुत्ती स्थित आवास पर पत्रकारों से बातचीत में सुशील ने कहा कि खिलाड़ी के लिए संघ अहम नहीं होता बल्कि वह अपने कोच के शेड्यूल के मुताबिक प्रैक्टिस करें। उनके हर निर्देशों का पालन करे। अनुशासन और नियमित प्रैक्टिस से खिलाड़ी अपने लक्ष्य तक पहुंचता है। किसी भी खिलाड़ी के लिए पदक ही उसकी मेहनत का परिणाम होता है।

सुशील ने कहा कि ओलंपिक में गोल्ड से चूकने के बाद से ही वह इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। अपनी गलतियों को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं। सब कुछ बेहतर रहा तो अगले ओलंपिक में गोल्ड तक पहुंच जाएंगे। सुशील ने यह कहा कि पूर्वांचल किसी मायने में कम नहीं है।
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पूर्वाचल ने कई बड़े पहलवान दिए हैं। पूर्वाचल के खिलाड़ियों को बेहतर प्लेटफार्म मिलना चाहिए। सुशील ने कहा कि रवींद्र मिश्र हमारे कोच रहे हैं। रेलवे की कुश्तियों के दौरान रवीद्र मिश्र से काफी कुछ सीखने को मिला।
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