पहलवानों के धरने पर पहुंचे दीपेंद्र हुड्डा।
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भारतीय कुश्ती महासंघ के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाने वाली सात महिला पहलवानों के बुधवार को फिर सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के बाद दिल्ली पुलिस ने तीन शिकायतकर्ताओं के बयान दर्ज किए। शिकायकर्ताओं के वकील नरेंदर हुड्डा के अनुसार उनके सुप्रीम कोर्ट में पहुंचने के बाद ही दिल्ली पुलिस ने तीन शिकायतकर्ताओं को बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया। इस मामले में गुरुवार को सुनवाई होनी है। शिकायतकर्ता पहलवानों को सीलबंद लिफाफे में हलफनामा दायर करने की मंजूरी मिल चुकी है।
सार्वजनिक नहीं हो हलफनामा
हुड्डा ने बताया कि जब से दिल्ली पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की है, अब तक किसी भी शिकायतकर्ता के बयान दर्ज नहीं किए गए थे। यही वजह थी कि उनकी ओर से सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सीलबंद लिफाफे में हलफनामा दायर करने की अनुमति मांगी गई। उनके सुप्रीम कोर्ट में जाने के बाद ही दिल्ली पुलिस हरकत में आई। हुड्डा ने मुख्य न्यायधीश जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की पीठ के समक्ष मामला उठाया। हुड्डा ने अदालत के समक्ष कहा कि उन्हें हलफनामे की प्रति सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता को देने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन यह सार्वजनिक नहीं होना चाहिए। पीठ ने मेहता को अग्रिम प्रति के साथ बृहस्पतिवार को सीलबंद लिफाफे में हलफनामा पेश करने की इजाजत दे दी।
हुड्डा ने बताया कि शिकायतकर्ताओं के बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं, लेकिन उन्हें मैजिस्टे्रट के समक्ष दर्ज किया जाना चाहिए। तभी ये अदालत के समक्ष मान्य समझे जाएंगे।