तीन बार के ग्रैंड स्लैम चैंपियन स्टैन वावरिंका को यूएस ओपन में खेलने का एक और मौका मिल गया है। 2016 के यूएस ओपन चैंपियन वावरिंका को बुधवार को टूर्नामेंट के मुख्य ड्रॉ के लिए वाइल्ड कार्ड दिया गया। यह फैसला उस समय आया जब अमेरिकी खिलाड़ी पैट्रिक काइप्सन ने चोट के कारण टूर्नामेंट से अपना नाम वापस ले लिया। 41 वर्षीय वावरिंका को इससे पहले वाइल्ड कार्ड नहीं मिलने के कारण यूएस ओपन के मुख्य ड्रॉ में जगह नहीं मिली थी। उन्होंने मंगलवार को सोशल मीडिया पर ऐसा संदेश पोस्ट किया था, जिसे न्यूयॉर्क और यूएस ओपन को अलविदा कहने के संकेत के तौर पर देखा गया था।
काइप्सन के हटने से खुली जगह
यूएस टेनिस एसोसिएशन (यूएसटीए) ने अपना आखिरी वाइल्ड कार्ड अमेरिकी खिलाड़ी पैट्रिक काइप्सन को दिया था। काइप्सन की रैंकिंग उस समय 115 थी। लेकिन चोट के कारण उनके हटने के बाद खाली हुई जगह वावरिंका को दे दी गई। वावरिंका ने वाइल्ड कार्ड स्वीकार करते हुए कहा, 'मैं 2026 यूएस ओपन का वाइल्ड कार्ड स्वीकार करके बेहद उत्साहित हूं और न्यूयॉर्क में एक बार फिर प्रशंसकों के सामने खेलने का इंतजार कर रहा हूं।'
मंगलवार को लिखा था भावुक संदेश
वावरिंका ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर यूएस ओपन और न्यूयॉर्क के प्रशंसकों के नाम भावुक संदेश लिखा था। उन्होंने प्रशंसकों का वर्षों तक समर्थन करने के लिए आभार जताते हुए कहा था कि न्यूयॉर्क उनके पसंदीदा शहरों में से एक बन गया है। उन्होंने लिखा था कि न्यूयॉर्क ने उन्हें चुनौती दी, उन्हें आगे बढ़ाया और उनके करियर की कुछ सबसे मजबूत भावनाओं को जन्म दिया। यूएस ओपन जीतना उनके जीवन के सबसे महान पलों में से एक रहेगा।
तीन ग्रैंड स्लैम खिताब जीत चुके हैं वावरिंका
वावरिंका अपने दौर के सबसे सफल खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं। उन्होंने ऐसे समय में टेनिस खेला, जब रोजर फेडरर, राफेल नडाल, नोवाक जोकोविच और एंडी मरे जैसे दिग्गजों का दबदबा था। स्विस खिलाड़ी ने 2014 ऑस्ट्रेलियन ओपन के फाइनल में राफेल नडाल को हराकर अपना पहला ग्रैंड स्लैम खिताब जीता था। इसके बाद 2015 में उन्होंने फ्रेंच ओपन के फाइनल में नोवाक जोकोविच को मात दी। 2016 में वावरिंका ने एक बार फिर जोकोविच को हराकर यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया था। हालांकि, वह अगले साल अपने खिताब का बचाव नहीं कर सके।
चोटों ने भी दिया बड़ा झटका
वावरिंका का करियर चोटों से भी प्रभावित रहा है। 2017 में घुटने की दो सर्जरी के कारण वह यूएस ओपन में हिस्सा नहीं ले सके थे। इसके बाद 2021 में उन्हें पैर की दो सर्जरी से गुजरना पड़ा। वावरिंका अपने करियर में एटीपी रैंकिंग में तीसरे स्थान तक पहुंचे। उन्होंने 2008 बीजिंग ओलंपिक में रोजर फेडरर के साथ पुरुष डबल्स में स्वर्ण पदक भी जीता था।
करियर के आखिरी दौर में यादगार विदाई का मौका
वावरिंका पहले ही संकेत दे चुके हैं कि उनका करियर अब अंतिम दौर में है। ऐसे में 2026 यूएस ओपन उनके लिए न्यूयॉर्क में एक भावुक विदाई का मौका बन सकता है। जिस टूर्नामेंट में उन्होंने 2016 में अपने करियर के सबसे यादगार खिताबों में से एक जीता था, उसी यूएस ओपन में उन्हें अब एक बार फिर कोर्ट पर उतरने का मौका मिल गया है।