पूर्व चैंपियन किदांबी श्रीकांत ने शानदार खेल दिखाते हुए हमवतन मिथुन मंजनाथ को कड़े तीन गेमों के मुकाबले में 21-15, 19-21, 21-13 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। वहीं, महिला डबल्स में भारत की त्रीसा जोली और गायत्री गोपीचंद की विश्व नंबर 14 जोड़ी ने मलयेशिया की ओंग जिन यी और कार्मेन तिंग पर 21-11, 21-15 की आसान जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया।
पूर्व चैंपियन किदांबी श्रीकांत ने शानदार खेल दिखाते हुए हमवतन मिथुन मंजनाथ को कड़े तीन गेमों के मुकाबले में 21-15, 19-21, 21-13 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई। 32 वर्षीय श्रीकांत की शुरुआत दमदार रही। उन्होंने पहले गेम में 8-2 की बढ़त ली और शुरुआत से ही लय और नियंत्रण बनाए रखा। हालांकि मंजनाथ ने दूसरे गेम में जोरदार वापसी की और स्कोर को बराबरी पर लाते हुए गेम अपने नाम किया। निर्णायक गेम में श्रीकांत ने फिर से आक्रामक रुख अपनाते हुए शुरू से बढ़त बनाए रखी और मुकाबला जीत लिया। अब फाइनल में उनका सामना हांगकांग के जेसन गुनेवान से होगा।
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त्रीसा-गायत्री लगातार दूसरी बार फाइनल में
महिला डबल्स में भारत की त्रीसा जोली और गायत्री गोपीचंद की विश्व नंबर 14 जोड़ी ने मलयेशिया की ओंग जिन यी और कार्मेन तिंग पर 21-11, 21-15 की आसान जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। युगल जोड़ी की यह जीत खास इसलिए भी है क्योंकि गायत्री पांच महीने की कंधे की चोट से उबरकर हाल ही में कोर्ट पर लौटी हैं। त्रीसा-गायत्री ने पहले गेम से ही मुकाबले पर पकड़ बनाए रखी, जबकि दूसरे गेम में दबाव के क्षण आने पर भी संयम नहीं खोया। फाइनल में भारतीय जोड़ी का सामना जापान की आठवीं वरीयता प्राप्त काहो ओसावा और माई तनाबे की जोड़ी से होगा।
महिला एकल में भारतीय चुनौती समाप्त
भारत की युवा खिलाड़ियों उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा को अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबलों में हार झेलनी पड़ी। उन्नति हुड्डा तुर्की की नेस्लिहान अरिन से 15-21, 10-21 से पराजित हुईं। तन्वी शर्मा, जिन्होंने इस टूर्नामेंट में पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा को हराकर सनसनी फैलाई थी, जापान की हिना अकेची से 17-21, 16-21 से हार गईं।