खेल मंत्रालय ने देश में अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) को दी जाने वाली वित्तीय सहायता में बड़ी बढ़ोतरी की है। मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को घोषित संशोधित दिशानिर्देशों के तहत अब महासंघों को अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की सहायता मिल सकेगी। पहले यह सीमा दो करोड़ रुपये थी। मंत्रालय ने राष्ट्रीय खेल महासंघों को सहायता देने वाली संशोधित योजना के संचालन संबंधी दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य देश में अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के आयोजन को प्रोत्साहित करना और खेलों से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करना है।
आयोजन के महत्व के आधार पर मिलेगी सहायता
खेल मंत्रालय के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के आयोजन के लिए वित्तीय सहायता की राशि संबंधित आयोजन की प्रकृति और महत्व, उसमें भाग लेने वाले देशों की संख्या और खिलाड़ियों की संख्या के आधार पर तय की जाएगी। मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि महासंघों के प्रस्तावों का आकलन खेल सचिव की अध्यक्षता वाली एक निर्धारित समिति करेगी। इसी प्रक्रिया के आधार पर सहायता देने पर निर्णय लिया जाएगा। इस बदलाव से राष्ट्रीय खेल महासंघों को देश में बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने के लिए पहले की तुलना में अधिक वित्तीय मदद मिल सकेगी।
राष्ट्रीय खेलों के लिए भी 50 करोड़ रुपये तक की मदद
संशोधित योजना में राष्ट्रीय खेलों के आयोजन के लिए भी अधिकतम 50 करोड़ रुपये तक की वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। इस राशि का इस्तेमाल प्रतियोगिताओं के संचालन और उनसे जुड़ी तकनीकी जरूरतों को पूरा करने के लिए किया जा सकेगा। मंत्रालय के मुताबिक, सहायता राशि का उपयोग खेल उपकरणों, टाइमिंग, स्कोरिंग और रिजल्ट (टीएसआर) सेवाओं, तकनीकी अधिकारियों के पारिश्रमिक और प्रतियोगिताओं के तकनीकी संचालन पर किया जाएगा। इन व्यवस्थाओं का आयोजन की गुणवत्ता और प्रतियोगिताओं के सुचारु संचालन में महत्वपूर्ण योगदान होता है।
2036 ओलंपिक और 2039 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों पर जोर
खेल मंत्रालय ने कहा कि संशोधित दिशानिर्देश भारत के दीर्घकालिक खेल दृष्टिकोण के अनुरूप हैं। ये 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भारत की दावेदारी और 2039 राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों से भी जुड़े हैं। भारत अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी की क्षमता बढ़ाने और खेलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय खेल महासंघों को मिलने वाली वित्तीय सहायता में यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नई व्यवस्था के तहत सहायता की अधिकतम सीमा बढ़ने से महासंघों को बड़े टूर्नामेंटों की योजना बनाने और उनके आयोजन से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सहयोग मिल सकेगा।