खेल मंत्रालय ने भारतीय ओलंपिक संघ को बड़ी राहत देते हुए 16 सदस्यीय कार्यकारी परिषद जारी रखने की अनुमति दी है। राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के तहत परिषद में 15 सदस्य होने चाहिए, लेकिन आईओसी की सिफारिश के बाद मंत्रालय ने आईओएको इससे छूट दी है। आईओए में जल्द चुनाव होने हैं।
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) को खेल मंत्रालय से बड़ी राहत मिली है। मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) की सिफारिश के बाद IOA को 16 सदस्यीय कार्यकारी परिषद (Executive Council) के साथ काम जारी रखने की अनुमति दे दी है। राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम (NSG Act) के तहत कार्यकारी परिषद में 15 सदस्य होने का प्रावधान है, लेकिन IOC के नियमों के अनुरूप IOA को इसमें विशेष छूट दी गई है।
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मंत्रालय ने इस संबंध में राजपत्र अधिसूचना जारी की है। इसमें कहा गया कि राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम की धारा 37(2) के तहत ऐसी छूट दी जा सकती है, जिससे राष्ट्रीय खेल निकाय अपने अंतरराष्ट्रीय महासंघों या संबंधित अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के नियमों के अनुरूप काम कर सकें।
आईओसी सदस्य को लेकर था पेंच
दरअसल, मौजूदा समय में आईओए की कार्यकारी परिषद में 16 सदस्य हैं। इनमें भारत में मौजूद आईओसी सदस्य भी शामिल हैं, जिन्हें मतदान का अधिकार प्राप्त है। एनएसजी एक्ट के तहत परिषद की सदस्य संख्या 15 रखने की बात थी, जिसके बाद आईओए ने मंत्रालय से नियमों में छूट देने का अनुरोध किया था। आईओए ने अधिनियम के अनुरूप अपने संविधान में बदलाव का मसौदा आईओसी को भेजकर उसकी राय मांगी थी। इसके जवाब में आईओसी ने परिषद में सदस्यों की संख्या को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की।
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मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया, 'आईओसी ने विशेष रूप से सिफारिश की है कि कार्यकारी परिषद के सदस्यों की संख्या में बदलाव नहीं किया जाए और यह संख्या भारत में मौजूद आईओसी सदस्यों की संख्या से स्वतंत्र रहे।' अधिसूचना के मुताबिक इसका मतलब है कि आईओसी सदस्य के अलावा कार्यकारी परिषद में 15 अन्य सदस्य होंगे। इस तरह कुल संख्या 16 बनी रहेगी।
उम्र और कार्यकाल के नियमों में पहले ही किया बदलाव
मंत्रालय ने कहा कि राष्ट्रीय खेल निकायों को अपने कामकाज में अंतरराष्ट्रीय चार्टर और नियमों से मुख्य रूप से निर्देशित होना चाहिए। इसी आधार पर सरकार ने आईओसी की सिफारिश को एनएसजी एक्ट के प्रावधानों के साथ सामंजस्य बैठाने के लिए यह छूट दी है।
आईओए ने हाल ही में विशेष आम सभा की बैठक में अपने संविधान में बदलाव भी किया था। इसमें एनएसजी एक्ट के तहत निर्धारित उम्र और कार्यकाल की सीमा को शामिल किया गया है। आईओए ने कहा है कि वह अधिनियम के अन्य शासन संबंधी सिद्धांतों और आवश्यकताओं का पालन जारी रखेगा। आईओए के चुनाव इस साल के अंत में होने हैं। ऐसे में कार्यकारी परिषद की संरचना को लेकर मंत्रालय का यह फैसला आगामी चुनावी प्रक्रिया के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।