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Mansukh Mandaviya: 'गुटबाजी का खामियाजा भुगत रहे खिलाड़ी', खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने की एकजुट होने की अपील

Thu, 24 Apr 2025 08:05 PM IST
Mayank Tripathi स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

मांडविया ने 40 राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा- मुझे एनएसएफ में दखल देना पसंद नहीं है लेकिन इसके यह मायने नहीं है कि खिलाड़ियों पर फोकस की सरकार की नीति से भटकने की उन्हें अनुमति दी जाएगी।
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केंद्रीय मंत्री मनसुख मांडविया (फाइल) - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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खेलमंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि राष्ट्रीय खेल महासंघों को खिलाड़ियों पर से फोकस हटाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने महासंघों से भारत की ओलंपिक 2036 की मेजबानी का दावा सफल रहने के लिये गुटबाजी और भाई भतीजावाद खत्म करने की अपील की।
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डिजिलॉकर में सर्टिफिकेट का पहला सेट लांच करने के मौके पर खेलमंत्री ने राष्ट्रीय खेल महासंघों से जुड़े मसलों पर बेबाक राय रखी। डिजिलॉकर दस्तावेजों और सर्टिफिकेट के संग्रहण का क्लाउड आधारित प्लेटफॉर्म है जिससे दस्तावेजों को साझा करना और प्रमाणित करना आसान हो जाएगा।

'गुटबाजी पर लगाना होगा अंकुश'
मांडविया ने 40 राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए कहा- मुझे एनएसएफ में दखल देना पसंद नहीं है लेकिन इसके यह मायने नहीं है कि खिलाड़ियों पर फोकस की सरकार की नीति से भटकने की उन्हें अनुमति दी जाएगी। मैंने विभिन्न महासंघों के कई गुटों से बात की है और मैने उनसे इस पर काम करने के लिए कहा है ताकि खिलाड़ियों को नुकसान नहीं हो। आपको खिलाड़ियों का ध्यान रखना है और गुटबाजी होने पर उन्हें नुकसान होता है। मैं इसकी अनुमति नहीं दूंगा। एनएसएफ को जिम्मेदार होना होगा।

महासंघों को मिलेगा खेल मंत्रालय का साथ
मांडविया का इशारा संभवत: मुक्केबाजी, फुटबॉल, कुश्ती और घुड़सवारी जैसे खेलों के महासंघों की ओर था जिनकी अंतर्कलह अंतरराष्ट्रीय महासंघों और अदालत तक पहुंच गई है। फिलहाल मुक्केबाजी का कामकाज एक तदर्थ समिति देख रही है और फुटबॉल तथा घुड़सवारी के मौजूदा प्रशासन से जुड़े मसले अदालत में है। कुश्ती के मसले अभी खत्म हुए हैं जब खेल मंत्रालय ने खेल कोड के उल्लंघन के कारण उस पर लगाया गया निलंबन वापिस लिया।

मांडविया ने कहा- महासंघों को मंत्रालय से पूरा सहयोग मिलेगा। मैं पहले भी कह चुका हूं कि हम दफ्तर की जगह भी देंगे। जवाहर लाल नेहरू स्टेडियम में 18 कमरे तैयार हैं। आपको बस आवेदन करना है। लेकिन भाई भतीजा नहीं चलेगा। खेल प्रशासन ऐसा नहीं होता है। एक दिन मैं एक अधिकारी से मिला जिसने अपने चपरासी को अपना सचिव बना रखा था। चीजें ऐसे नहीं चलती है।
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मांडविया ने की एकजुट होने की अपील
मांडविया ने बताया कि कि भारत 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का दावा कर चुका है और 2036 ओलंपिक की मेजबानी का आशय पत्र दे चुका है लिहाजा सभी को एकजुट होना चाहिए। उन्होंने कहा- अंतरराष्ट्रीय मंचों पर हमें एकजुट होना होगा। यह सुनिश्चित करना जरूरी है। हमें 2036 ओलंपिक भारत में लाने के लिये अपने सर्वश्रेष्ठ प्रयास करने हैं । हमें 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी भी करनी है।
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