आइची-नागोया एशियन गेम्स के लिए भारतीय वुशु टीम में शामिल होने के बाद बाहर की गईं दिव्यांशी चौधरी के मामले में अब नया मोड़ आ गया है। खेल मंत्री मनसुख मांडविया के हस्तक्षेप के बाद 18 वर्षीय खिलाड़ी ने राष्ट्रीय महासंघ के खिलाफ अपना रुख नरम कर लिया है। दिव्यांशी ने अब कहा है कि वह अपनी चोट से उबरने और भविष्य की प्रतियोगिताओं के लिए तैयारी करने पर ध्यान देंगी।
22 अगस्त को खेल मंत्रालय की ओर से जारी सूची में दिव्यांशी को भारत की सात सदस्यीय वुशु टीम में जगह मिली थी। लेकिन शुक्रवार को बाएं घुटने में एसीएल चोट का हवाला देते हुए उनकी जगह दो बार की एशियन गेम्स पदक विजेता रोशिबिना देवी को महिला 60 किग्रा सांडा वर्ग में शामिल किया गया।
पहले फैसले पर उठाए थे सवाल
टीम से बाहर किए जाने के बाद दिव्यांशी ने एक वीडियो संदेश जारी कर चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे। उन्होंने दावा किया था कि डॉक्टरों ने उन्हें एशियन गेम्स में खेलने के लिए मंजूरी दी थी। इसी दौरान उन्होंने आत्महत्या की धमकी भी दी थी, जिससे मामला और गंभीर हो गया था। हालांकि, अब नए वीडियो में दिव्यांशी ने कहा कि उन्हें महासंघ और खेल मंत्री ने चोट से पूरी तरह उबरने के महत्व को समझाया है।
उन्होंने कहा, 'मेरे महासंघ ने मुझे समझाया कि स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है, ताकि मैं भविष्य में भारत के लिए पदक जीत सकूं। मैं सोच रही थी कि मेरा महासंघ मेरे साथ नहीं है, लेकिन अब मुझे समझ आ गया है कि वे मेरे साथ हैं। मैं उनके समर्थन को 2030 एशियन गेम्स में स्वर्ण जीतने के लिए इस्तेमाल करूंगी।' दिव्यांशी ने आगे कहा, 'महासंघ चाहता है कि मैं अपनी चोट से पूरी तरह ठीक हो जाऊं और उसके बाद वापसी करूं। मैं इसे समझ नहीं पा रही थी। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने भी मुझे चोट से उबरने के महत्व को समझाया।'
महासंघ और साई ने मदद का भरोसा दिया
दिव्यांशी ने बताया कि राष्ट्रीय महासंघ और भारतीय खेल प्राधिकरण यानी साई ने भी चोट से वापसी के दौरान उन्हें पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा, 'मेरे महासंघ और साई ने भी मुझे पूरा सहयोग देने की बात कही है। मैं अपने स्वास्थ्य और फिटनेस पर ध्यान दूंगी और जल्द ही रिंग में वापसी करूंगी। मेरे माता-पिता ने भी मुझे समझाया है कि मुझे अगले खेलों की तैयारी करनी चाहिए और इस प्रतियोगिता के बारे में नहीं सोचना चाहिए।'
रोशिबिना पर लगाए गंभीर आरोप
हालांकि, महासंघ को लेकर दिव्यांशी का रुख नरम पड़ा है, लेकिन रोशिबिना देवी को लेकर उनके आरोप बरकरार हैं। रोशिबिना को ही दिव्यांशी की जगह एशियन गेम्स टीम में शामिल किया गया है। दिव्यांशी ने आरोप लगाया कि रोशिबिना ने उन्हें और उनके परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया है। उन्होंने कहा, 'रोशिबिना ने मुझे और मेरे परिवार को मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया है। मैं विश्वास नहीं कर सकती कि कोई खिलाड़ी इस स्तर तक गिर सकता है। वह जून से अब तक लगातार मुझे और मेरे परिवार को परेशान कर रही हैं।' इस पूरे विवाद के बीच रोशिबिना अब महिला 60 किग्रा सांडा वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। वहीं दिव्यांशी ने अपनी चोट से उबरकर भविष्य में वापसी को अपना लक्ष्य बताया है।