दक्षिण कोरिया ने पुरुष रिकर्व टीम फाइनल में भारत को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक जीता। पहला सेट 56-56 से ड्रॉ रहा, लेकिन कोरिया ने अगले दोनों सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम किया। यशदीप भोगे, धीरज बोम्मदेवरा और नीरज चौहान को रजत मिला। यह तीरंदाजी में भारत का सातवां पदक है।
एशियन गेम्स में पुरुष रिकर्व टीम के स्वर्ण पदक मुकाबले में भारत को रजत पदक से संतोष करना पड़ा। दक्षिण कोरिया ने भारत को 5-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। यशदीप भोगे, धीरज बोम्मदेवरा और नीरज चौहान की भारतीय तिकड़ी ने मुकाबले में एक सेट ड्रॉ कराया, जबकि कोरिया ने दो सेट जीते।
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तीसरे सेट में तय हुआ मुकाबला
दक्षिण कोरिया ने तीसरे सेट में 56 अंक हासिल किए, जबकि भारत की टीम 54 अंक ही जुटा सकी। इस सेट में कोरिया को दो सेट अंक मिले और उसने मुकाबला 5-1 से अपने नाम कर लिया। पहले सेट में दोनों टीमों का स्कोर 56-56 रहा था। इस कारण दोनों को एक-एक सेट अंक मिला। दूसरे सेट में दक्षिण कोरिया ने 57 अंक जुटाकर भारत के 50 के मुकाबले सेट जीता और दो अंक हासिल किए। इसके बाद तीसरे सेट में भी 56-54 से जीत दर्ज कर कोरिया ने स्वर्ण पर कब्जा कर लिया।
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भारत ने जीता तीरंदाजी में सातवां पदक
यशदीप, धीरज और नीरज की तिकड़ी को स्वर्ण से चूकने के बावजूद रजत पदक मिला। यह एशियन गेम्स 2026 में भारत का तीरंदाजी में सातवां पदक है। भारतीय तीरंदाजों ने अब तक इस खेल में चार स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक जीता है।