बीमार एथलीटों और प्रशिक्षकों को कैंप में भेजने पर साई ने एथलेटिक फेडरेशन ऑफ इंडिया को फटकार लगाई है। साई की कड़ी प्रतिक्रिया के बावजूद फेडरेशन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। एशियाई चैंपियनशिप की तैयारियों के लिए साई सेंटर बंगलूरू में चल रहे कैंप में एक एथलीट व महिला कोच को डॉक्टर की ओर से अनफिट घोषित कर दिया है। फेडरेशन की उपेक्षा के बाद साई ने एक एथलीट को वापस भेज दिया है। लेकिन कोच पर अब तक फैसला नहीं हुआ है।
यह पहला मौका नहीं है जब साई ने एएफआई से इस संबंध में कड़ी आपत्ति जताई है। सूत्रों की मानें तो साई बंगलूरू की ओर से फेडरेशन से आपत्ति जताई गई है कि कैंप में पहले से ही बीमार एथलीटों व प्रशिक्षकों को भेजा जा रहा है। जिनका साई के खर्च पर कैंप में इलाज चलता रहता है और वे न तो ट्रेनिंग करा सकते हैं और न ही खुद ट्रेनिंग कर सकते हैं। फेडरेशन की ओर से कैंप में स्प्रिंटर मनिकंदन राज को भेजा गया है।
इस एथलीट को पहले से ही घुटने की चोट थी। कैंप में पहुंचने पर वहां उसका इलाज हुआ लेकिन जांच में पाया गया है कि एथलीट पूरी तरह अनफिट है और ट्रेनिंग करने की स्थिति में ही नहीं है। इसी तरह बुसान एशियाई खेलों स्वर्ण पदक जीतने वाली एथलीट सुनीता रानी की कोच रहीं और वर्तमान में प्रीजा श्रीधरन, ओपी जैशा, ललिता बब्बर जैसी एथलीटों को कोचिंग दे रहीं द्रोणाचार्य अवार्डी रेणु कोहली कैंप में बीमारी की हालत में पहुंचीं।
वह जब से कैंप में हैं उन्हें गैस्ट्रिक समस्या के चलते तीन बार अस्पताल में दाखिल कराया जा चुका है। सूत्रों की मानें तो कोहली को भी साई सेंटर की मेडिकल टीम ने अनफिट घोषित कर दिया है। यह भी कहा गया है कि वह ट्रेनिंग देने की हालत में नहीं हैं। साई की ओर से फेडरेशन को उनका नाम कैंप से हटाने को कहा गया है।
इससे पहले रूसी कोच दिमित्रो वेनाईकिन को लेकर काफी हंगामा हो चुका है। वह कैंप के दौरान मानसिक तनाव की बीमारी से ग्रस्त पाए गए। साई की ओर से उनका काफी इलाज कराया गया लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। बाद में उन्हें वापस भेजना पड़ा। फेडरेशन के एक अधिकारी का कहना है कि कैंप से दोनों को निकाला नहीं गया है। ये दोनों बीमार नहीं बल्कि ठीक हालत में कैंप में भेजे गए थे।