दो बार की स्वर्ण पदक विजेता निशानेबाज मोना अग्रवाल और जंप विशेषज्ञ निषाद कुमार शनिवार को आयोजित होने वाले एशियाई पैरा खेलों के समापन समारोह में भारत के ध्वजवाहक होंगे। इन दोनों ही खिलाड़ियों ने इन खेलों में दो-दो स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।
पैरा एशियाड में जीते दो स्वर्ण
38 वर्षीय मोना अग्रवाल, जिन्हें नौ वर्ष की आयु में पोलियो हो गया था जिससे उनके दोनों निचले अंग प्रभावित हुए और वह व्हीलचेयर पर निर्भर हो गईं, उन्होंने इन खेलों में रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन किया। उन्होंने पहले खेलों के रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और इसके बाद महिलाओं की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन SH1 स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड तोड़ते हुए दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
वहीं, 27 वर्षीय निषाद ने पुरुषों की ऊंची कूद (हाई जंप) और लंबी कूद (लॉन्ग जंप) टी47 स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक हासिल किए। उनका दाहिना हाथ छह वर्ष की आयु में खेत में घास काटने की मशीन से कट गया था। निषाद हिमाचल प्रदेश से आते हैं।