ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने वाले सात वेटलिफ्टर को दक्षिण कोरिया के इंचियोन में होने वाले आगामी एशियन गेम्स के लिए 10 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल कर लिया गया है।
पांच पुरुषों और इतनी ही महिलाओं को एशियाड में भारत का प्रतिनिधित्व करना है। एशियाड दक्षिण कोरियाई शहर में 19 सितंबर से 4 अक्तूबर तक होने हैं।
एशियन गेम्स के लिए जगह बनाने वाले दस लिफ्टरों में से नौ कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय दल का हिस्सा रह चुके हैं। कविता देवी (85 किलो) ही एकमात्र लिफ्टर हैं, जिन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में हिस्सा नहीं लिया है।
दस में से सात लिफ्टरों ने पदक जीते थे जबकि तीन के हाथ में सोने का तमगा आया था।
एशियन गेम्स में कोई अलग से ट्रॉयल की व्यवस्था नहीं की गई क्योंकि ज्यादातर लिफ्टर कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी छाप छोड़ चुके हैं और दोनों ही अहम टूर्नामेंट में एक महीने से ज्यादा का अंतराल बचा था।
कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान सुखेन डे (56 किलो), सतीश शिवालिंगम (77 किलो) और खुमुकचाम संजीता चानू (48 किलो) ने स्वर्ण पदक जीते थे जबकि के रवि कुमार (77 किलो), विकास ठाकुर (85 किलो) और सिखोम मीराबाई चानू (48 किलो) ने रजत पदक अपनी झोली में डाले थे। पूनम यादव ने महिलाओं की 63 किलो में कांस्य पदक जीता था।
एशियन गेम्स टीम : पुरुष-सुखेन डे (56 किलो), रुस्तम सारंग (62 किलो) सतीश शिवालिंगम (77 किलो), रवि कुमार (77 किलो) और विकास ठाकुर (85 किलो)। महिला वर्ग - खुमुकचाम संजीता चानू (48 किलो), सिखोम मीराबाई चानू (48 किलो), पूनम यादव (63 किलो), वंदना गुप्ता (63 किलो) और कविता देवी (75 किलो)।