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सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 2026: दीपक पूनिया फाइनल में, रोहित अगले दौर में पहुंचे

Mon, 11 May 2026 01:42 AM IST
मयंक त्रिपाठी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, गोंडा (यूपी)

सार

दीपक पूनिया ने सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 2026 के 92 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में जगह बना ली, जहां अब उनका मुकाबला हरियाणा के वंश से होगा। वहीं, 125 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के रोहित ने अनिरुद्ध को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया, जबकि टूर्नामेंट में देशभर के 593 पहलवान हिस्सा ले रहे हैं।

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कुश्ती - फोटो : IANS
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विस्तार
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दीपक पूनिया ने सीनियर ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 92 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग के फाइनल में जगह बना ली है। उत्तर प्रदेश के गोंडा स्थित नंदिनीनगर में आयोजित इस प्रतियोगिता में देशभर के पहलवान हिस्सा ले रहे हैं। रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (डब्ल्यूएफआई) द्वारा आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर के टूर्नामेंट में कुल 593 पहलवान 10 अलग-अलग भार वर्गों में अपनी राष्ट्रीय रैंकिंग मजबूत करने के लिए मुकाबला कर रहे हैं।
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दीपक पूनिया का दमदार प्रदर्शन
92 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में हरियाणा के दीपक पूनिया ने अपने ही राज्य के पहलवान राजा को एकतरफा अंदाज में 11-1 से हराया। दीपक ने यह मुकाबला महज 2 मिनट 53 सेकंड में अपने नाम किया।तकनीकी रूप से अनुशासित प्रदर्शन करते हुए दीपक ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार लय दिखाई है। अब फाइनल मुकाबले में उनका सामना हरियाणा के पहलवान वंश से होगा।

125 किलोग्राम वर्ग में रोहित की जीत
125 किलोग्राम हैवीवेट वर्ग में हरियाणा के पहलवान रोहित ने मुकाबला जीतकर अगले दौर में प्रवेश कर लिया। मैच नंबर 179 में रोहित का सामना अनिरुद्ध से हुआ, जहां दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। अनिरुद्ध ने मजबूत डिफेंस दिखाया, लेकिन रोहित ने निर्णायक अंक हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस हार के साथ अनिरुद्ध टूर्नामेंट से बाहर हो गए।
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डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष संजय सिंह ने क्या कहा?
संजय सिंह ने टूर्नामेंट को लेकर खुशी जताते हुए कहा कि देशभर से बड़ी संख्या में पहलवानों का नंदिनीनगर पहुंचना भारतीय कुश्ती के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने कहा कि यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों को अपनी-अपनी वेट कैटेगरी में देश के शीर्ष पहलवानों के खिलाफ खुद को साबित करने और बेहतर राष्ट्रीय रैंकिंग हासिल करने का अवसर देती है। संजय सिंह के मुताबिक, इस तरह की बॉटम-अप व्यवस्था भारतीय कुश्ती को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत बनाएगी।
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