डोपिंग इतिहास भी रहा विवादों से भरा
सीमा पुनिया पहले भी दो बार डोपिंग नियमों का उल्लंघन कर चुकी हैं, जिनमें से एक मामला जूनियर स्तर पर हुआ था। यह घटना उनके करियर पर एक और बड़ा धब्बा बनकर सामने आई है।
करियर उपलब्धियों पर एक नजर
सीमा पुनिया ने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनका आखिरी बड़ा टूर्नामेंट 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स था, जहां उन्होंने कांस्य पदक जीता था।
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एशियन गेम्स: 2014 इंचियोन में गोल्ड
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कॉमनवेल्थ गेम्स: कुल 4 पदक (तीन सिल्वर, एक अन्य पदक)
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जूनियर लेवल: 2002 में विश्व चैंपियनशिप में ब्रॉन्ज
अन्य भारतीय एथलीट भी बैन
सीमा पुनिया के अलावा कई अन्य एथलीट्स को भी डोपिंग के कारण प्रतिबंधित किया गया है, जिनमें शामिल हैं:
| खिलाड़ी |
खेल |
प्रतिबंध अवधि |
| पूजा यादव |
लंबी दूरी दौड़ |
4 साल |
| मंजीत कुमार |
शॉट पुट |
6 साल |
| निकेश धनराज राठौड़ |
मध्य दूरी दौड़ |
4 साल |
| कुलदीप सिंह |
मैराथन |
4 साल |
| छवि यादव |
स्टिपलचेज |
4 साल |
स्पोर्ट्स जगत में फिर उठे सवाल
सीमा पुनिया जैसे अनुभवी और पदक विजेता खिलाड़ी का डोप में पकड़ा जाना भारतीय एथलेटिक्स के लिए फिर एक बड़ा झटका माना जा रहा है। खेल समुदाय में इस घटना के बाद डोपिंग नियंत्रण व्यवस्था और खिलाड़ियों की जागरूकता पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।