भारतीय निशानेबाज सरबजोत सिंह ने मंगलवार को मनु भाकर के साथ मिलकर 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर इतिहास रच दिया। 22 वर्षीय सरबजोत का यह पहला ओलंपिक पदक है। मनु और सरबजोत की जोड़ी ने ओह ये जिन और ली वोन हू की कोरियाई जोड़ी को 16-10 से हराकर कांस्य अपने नाम किया। मनु का पेरिस ओलंपिक में दूसरा पदक है
पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में नहीं बना सके थे जगह
सरबजोत सिंह की पेरिस ओलंपिक में शुरुआत अच्छी रही थी और वह पुरुष 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में पहुंचने के करीब दिख रहे थे। हालांकि, उस दिन उनके भाग्य ने सरबजोत का साथ नहीं दिया और वह मामूली अंतर से इस वर्ग के फाइनल में नहीं पहुंच पाए थे। इस स्पर्धा के क्वालिफिकेशन में सरबजोत शीर्ष आठ से बाहर रहे थे जिस कारण पदक दौर के लिए क्वालिफाई नहीं कर पाए थे। सरबजोत और जर्मनी के रॉबिन वाल्टर के एक समान 577 अंक थे और संयुक्त रूप से आठवें स्थान पर थे, लेकिन सरबजोत ने रॉबिन की तुलना में एक शॉट कम मारा था जिस कारण वह नौवें स्थान पर खिसक गए थे।
स्कूल के दिनों में ही शुरू की निशानेबाजी
सरबजोत सिंह का जन्म पंजाब के एक छोटे से गांव में हुआ था। वो एक सामान्य परिवार से आते हैं। उनके माता-पिता ने उन्हें हमेशा प्रोत्साहित किया और उनकी निशानेबाजी के सफर में हर संभव मदद की। सरबजोत ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पंजाब में प्राप्त की। बचपन से ही उनका झुकाव खेलों की तरफ था और उन्होंने अपने स्कूली दिनों में ही निशानेबाजी की शुरुआत की थी। सरबजोत ने अंबाला स्थित एक क्लब में कोच अभिषेक राणा की अकादमी में ट्रेनिंग ली। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली का रुख किया और वहां अपनी निशानेबाजी की ट्रेनिंग को भी जारी रखा।
एशियाई खेलों में भी जीता था पदक
सरबजोत साल 2019 में आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। सरबजोत सिंह 2022 में चीन में हुए एशियाई खेलों में भारतीय शूटिंग टीम का हिस्सा रह चुके हैं। उन्होंने वहां पर टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। सरबजोत ने एशियाई खेलों में दिव्या टी.एस. के साथ मिश्रित 10 मीटर एयर पिस्टल में भारत के लिए रजत पदक भी जीता था।