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साक्षी पर तोहफों की बारिश, नौकरी के साथ 2.5 करोड़ देगी हरियाणा सरकार

Thu, 18 Aug 2016 07:44 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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साक्षी मलिक
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किर्गिस्तान की पहलवान को हराकर रियो ओलंपिक में भारत के लिए पहला मेडल जीतने वाली महिला पहलवान साक्षी मलिक मालामाल हो जाएंगी।
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हरियाणा सरकार राज्य की 23 वर्षीय महिला पहलवान को 2.5 करोड़ रुपए ईनाम के रूप में देगी। इसके अलावा राज्य सरकार उन्हें जमीन और सरकारी नौकरी भी देगी। रियो में 12 दिनों के इंतजार के बाद भारत का मेडल का इंतजार खत्म कराने वाली साक्षी को रेलवे की ओर से भी 50 लाख रुपए मिलेंगे।

रेलवे ने गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को एक करोड़, सिल्वर के लिए 75 लाख और ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ी को 50 लाख रुपए ईनाम देने की घोषणा की थी। इसके अलावा जेएसडब्ल्यू की ओर से उन्हें 15 लाख और भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) की ओर से 20 लाख रुपए मिलेंगे।
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महिला पहलवान को सलमान खान की ओर से भी एक लाख का ईनाम मिलेगा। बुधवार को रेपचेज राउंड में साक्षी ने किर्गिस्तान की पहलवान एसनु तिनिवेकोवा को 8-5 से हराकर कांस्य पदक जीता था।

 

साक्षी बनीं डिविजनल कमर्शियल मैनेजर 

साक्षी मलिक - फोटो : PTI
रियो ओलंपिक में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहलवान साक्षी मलिक को भारतीय रेलवे ने शानदार तोहफा दिया है। साक्षी को क्लर्क से डिविजनल कमर्शियल मैनेजर के पद पर पदोन्नति देते हुए 60 लाख रुपए के इनाम की घोषणा भी की गई है। रेल मंत्री सुरेश प्रभु और रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा व राजन गोहैन ने साक्षी मलिक को बधाई दी है।

दरअसल, रेलवे मंत्रालय ने खेल शुरू होने से पहले ही रेलवे के खिलाड़ियों को इनाम देने का एलान किया था। रेलवे ने घोषणा की थी कि स्वर्ण पदक विजेता को एक करोड़, रजत पदक पर 75 लाख और कांस्य पदक जीतने वाले को 50 लाख रुपए देगा।

इसके अलावा क्वालीफाइंग के लिए 10 लाख रुपए अतिरिक्त मिलेंगे। साक्षी फिलहाल उत्तर रेलवे में सीनियर क्लर्क हैं। पदक जीतने के बाद उन्हें डिविजनल कमर्शियल मैनेजर (डीसीएम) के पद पर पदोन्नत किया जा रहा है। भारतीय कुश्ती दल के 23 अगस्त को देश वापस आने पर भारतीय रेलवे सम्मान समारोह का आयोजन करेगा।
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जीत के बाद क्या बोली साक्षी

साक्षी मलिक
रियो में देश का नाम करने वालीं साक्षी ने जीत के बाद कहा कि यह उनकी 12 साल की कड़ी तपस्या का फल है। आखिर उनकी तपस्या सफल हुई। साक्षी ने बताया कि कि जब वह क्वार्टर फाइनल मुकाबले में हार गई तो उनके कोच ने उन्हें समझाया और हिम्मत बढ़ाई। 

साक्षी का कहना है कि उनके कोच ने बताया कि पदक जीतने की उम्मीद अभी बाकी है। साक्षी का कहना है कि खेल के दौरान उनके दिमाग में था कि मेडल जीतना ही है। साक्षी ने यह भी कहा कि वह थोड़ा और ध्यान से खेलती तो रूसी पहलवान को हरा सकती थी। भारतीय पहलवान को  क्वार्टर फाइनल में रूस की पहलवान वेलेरियो कोबोलोवा ने हरा दिया था।

58 किलोग्राम वजन वर्ग में खेलने वालीं साक्षी मलिक हरियाणा के रोहतक जिले के मोखरा गांव की निवासी हैं। जीत के बाद उनके पूरे गांव में जश्न का माहौल है।
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