पिस्टल शूटरों से फिर विदेशी कोच छिन गया है। जो कहानी बीजिंग ओलंपिक के बाद रची गई थी ठीक उसी अध्याय को लंदन ओलंपिक के बाद दोहराया गया है। एनआरएआई ने बुधवार को रूसी पिस्टल कोच अनातोली पिदुबनी की छुट्टी कर दी। साथ ही भारतीय शूटिंग के इतिहास में पहली बार अनुबंधित किए गए गन स्मिथ (बंदूकों की ग्रिपें तैयार करने वाला) अनातोली फेड्रशेंको को हटाने की सिफारिश साई से कर दी है।
एनआरएआई का दावा है कि नए पिस्टल कोच की भरपाई जल्द कर ली जाएगी। लेकिन बीजिंग के बाद तीन साल से अधिक समय तक पिस्टल शूटरों को कोच नहीं मिला। जिसका सीधा खामियाजा लंदन ओलंपिक में भुगतना पड़ा।
गगन नारंग ने अपनी अकादमी गन फॉर ग्लोरी के लिए इन दोनों को अनुबंधित किया था। बालेवाड़ी पुणे में कैंप होने के चलते पिस्टल शूटर अनातोली के पास जाने लगे।
इसके बाद एनआरएआई ने बीते वर्ष सितंबर माह में दोनों को अपने साथ अनुबंधित कर लिया। बाद में अनातोली विवादों में घिर गए। हीना सिद्धू उनसे अलग हो गईं बल्कि अनुराज सिंह ने भी चीफ कोच सनी थामस का दामन थाम लिया। लंदन में अकेली राही सरनोबत के वह सही मायनों में कोच थे। जबकि रजत पदक जीतने वाले सेना के पिस्टल शूटर विजय कुमार के असली कोच रूसी पॉवेल स्मिरनॉव थे।
एनआरएआई का तर्क है कि अनातोली का प्रदर्शन उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा है जबकि फेड्रशेंको भी शूटरों की ग्रिप पर उतना अच्छा काम नहीं कर पाए हैं। इस वजह से उनका अनुबंध खत्म करने को कहा गया है। लेकिन इसका झटका कैंप में शामिल दूसरे शूटरों को लगना तय है। सूत्र यहां तक बताते हैं कि गन फॉर ग्लोरी से भी दोनों का अनुबंध समाप्त किया जा रहा है।
बीजिंग ओलंपिक के तुरंत बाद हंगेरियन कोच ग्योरिक जबा का अनुबंध भी समाप्त कर दिया गया था। इसके बाद रूसी कोच अलेक्जेंडर मिलेंतिएव, पॉवेल स्मिरनॉव को लाने की कोशिश की गई लेकिन बात नहीं बनीं। यहां तक कि कॉमनवेल्थ और एशियाई खेलों में बिना कोच के पिस्टल शूटरों ने शूटिंग की। हालांकि एनआरएआई के एडवाइजर बलजीत सिंह सेठी का कहना है कि जल्द ही दूसरे विदेशी पिस्टल कोच को अनुबंधित किया जाएगा। इस दिशा में बात भी चल रही है।