आर्थिक तंगी से जूझना पड़ा
रुबीना की मां सुनीता फ्रांसिस जबलपुर के प्रसूतिका गृह में नर्स हैं। वहीं, उनके पिता साइमन फ्रांसिस मोटर मैकेनिक का काम करते हैं। रुबीना के पिता की जबलपुर में ग्वारीघाट रोड पर बाइक रिपेयरिंग की दुकान थी। एक दिन नगर निगम के दस्ते ने उसे तोड़ दिया। रुबीना का घर इसी दुकान से चलता था। ऐसे में उनके परिवार को आर्थिक तंगी से जूझना पड़ा। अकादमी का खर्च निकालना भी उनके लिए चुनौती बन गया। तब उनके पिता ने घर-घर जाकर बाइक रिपेयरिंग का काम शुरू किया। वहीं, रुबीना के भाई एलेक्जेंडर ने पढ़ाई के साथ-साथ पीओपी का भी काम शुरू किया। इसके बावजूद भी अकादमी की फीस भरना उनके लिए मुश्किल हो रहा था। इस वजह से उन्हें अकादमी से निकाल लिया गया। बाद में मध्य प्रदेश शूटिंग अकादमी में उन्हें एडमिशन मिला और यहां से उनकी जिंदगी की मुश्किलें कुछ कम हुईं।