एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बुधवार को कहा कि ओडिशा के भाला फेंक एथलीट का एक महीने का वीजा दिल्ली में हंगरी के दूतावास ने रद्द कर दिया है, जिससे 19-27 अगस्त तक बुडापेस्ट में होने वाले मार्की एथलेटिक्स इवेंट में उनका खेलना संदिग्ध हो गया है।
ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा एक बार फिर अपने साथी खिलाड़ी की मदद के लिए आगे आए हैं। नीरज ने गुरुवार को किशोर जेना के वीजा मुद्दे को सुलझाने के लिए विदेश मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग की। वीजा का मसला सुलझने पर नीरज के साथी भाला फेंक खिलाड़ी आगामी विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।
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एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने बुधवार को कहा कि ओडिशा के भाला फेंक एथलीट का एक महीने का वीजा दिल्ली में हंगरी के दूतावास ने रद्द कर दिया है, जिससे 19-27 अगस्त तक बुडापेस्ट में होने वाले मार्की एथलेटिक्स इवेंट में उनका खेलना संदिग्ध हो गया है। अपने सोशल मीडिया हैंडल एक्स पर चोपड़ा ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से इस समस्या का समाधान निकालने का आग्रह किया।
नीरज ने लिखा "सुना कि किशोर जेना के वीजा के साथ कुछ समस्याएं हैं, जो उन्हें विश्व चैंपियनशिप के लिए हंगरी में जाने से रोक रही हैं। मुझे उम्मीद है कि अधिकारी इसका समाधान ढूंढने में सक्षम होंगे, क्योंकि यह उनके करियर के सबसे बड़े पलों में से एक है। आइए हम वह सब कुछ करें जो हम कर सकते हैं।'' नीरज ने अपने ट्वीट में विदेश मंत्रालय और विदेश मंत्री एस जयशंकर को टैग किया।
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जेना, जिन्होंने 30 जुलाई को श्रीलंकाई राष्ट्रीय चैंपियनशिप में 84.38 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ के साथ स्वर्ण पदक जीता था। इस प्रदर्शन के दम पर उन्होंने विश्व रैंकिंग कोटा हासिल कर लिया था। 30 जुलाई को क्वालिफिकेशन अवधि पूरी होने के बाद विश्व एथलेटिक्स (डब्ल्यूए) द्वारा अपडेट की गई रोड टू बुडापेस्ट सूची में 36वें स्थान पर रहने के बाद जेना ने इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया था।
27 वर्षीय जेना विश्व चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाले चार भारतीय भाला फेंक खिलाड़ियों में से एक है। डीपी मनु और रोहित यादव भी इस प्रतियोगिता में जगह बना चुके थे, लेकिन बाद में रोहित को अपने भाला फेंकने वाले हाथ की कोहनी की सर्जरी करानी पड़ी और वह प्रतियोगिता से बाहर हो गए।