दो अलग-अलग खेलों के दो दिग्गज खिलाड़ियों के भविष्य पर शनिवार को सवाल खड़ा हो गया।
वीरेंद्र सहवाग को जहां इंग्लैंड में 6 जून से होने वाली चैंपियंस ट्रॉफी की टीम में शामिल नहीं किया गया, वहीं ड्रग्स मामले में फंसे स्टार मुक्केबाज विजेंदर सिंह के नाम पर भी साइप्रस और क्यूबा दौरे के लिए विचार नहीं किया गया।
बीसीसीआई ने चैंपियंस ट्रॉफी के लिए जिन 30 संभावितों की घोषणा की है, उसमें वीरेंद्र सहवाग सहित जहीर खान और हरभजन सिंह जैसे धुरंधर खिलाड़ियों का नाम शामिल नहीं है। जिसके बाद इनके वनडे कैरियर को लेकर अटकलबाजियां लगनी शुरू हो गई हैं।
दुनिया के सबसे विध्वंसक ओपनर माने जाने वाले 34 वर्षीय सहवाग ने अपना आखिरी वनडे गत जनवरी को पाकिस्तान के खिलाफ कोलकाता में खेला था। इस समय वह भारत की टेस्ट टीम से भी बाहर हैं।
सहवाग 251 वनडे में 35.05 के औसत से 8273 रन बना चुके हैं। इसमें वनडे इतिहास के सर्वाधिक 219 रन के स्कोर सहित 15 शतक और 38 अर्धशतक शामिल हैं। वहीं जहीर और हरभजन भी लंबे समय से फिटनेस और खराब फॉर्म से जूझ रहे हैं।
वनडे क्रिकेट में 200 से अधिक मैच खेल चुके तीनों खिलाड़ी इस समय उम्र के ऐसे दौर से गुजर रहे हैं जहां उनके लिए समय भागता जा रहा है। भविष्य में भी तीनों की वनडे टीम में वापसी इसलिए और मुश्किल दिख रही है क्योंकि ढेरों युवा खिलाड़ी टीम इंडिया में उनकी जगह पाने के लिए अपने शानदार घरेलू प्रदर्शन के दम पर दस्तक दे रहे हैं।
बीसीसीआई और कप्तान धोनी की नजरें 2015 में ऑस्ट्रेलिया-न्यूजीलैंड में होने वाले वनडे विश्व कप के लिए युवा टीम तैयार करने पर है। ऐसे में राष्ट्रीय चयनकर्ताओं का इन दिग्गजों को संभावितों से बाहर करने का फैसला उनके भविष्य के लिए एक संकेत माना जा रहा है।
साइप्रस, क्यूबा जाने वाली टीम में विजेंदर नहीं
ड्रग्स मामले में फंसे मुक्केबाज विजेंदर सिंह को एक और बड़ा झटका लगा है। ड्रग स्कैंडल में नाम आने के बाद पटियाला में दो दिवसीय ट्रायल्स में हिस्सा नहीं लेने पर उन्हें क्यूबा और साइप्रस में होने वाले दो अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में नहीं चुना गया है। जून में होने वाले इन टूर्नामेंटों को अक्तूबर में कजाखिस्तान में होने वाली विश्व चैंपियनशिप के लिहाज से अहम माना जा रहा था।
इंडियन एमेच्योर बाक्सिंग फेडरेशन के अध्यक्ष अभिषेक मटोरिया ने कहा कि विजेंदर टीम से बाहर नहीं हैं, लेकिन ड्रग्स मामले में नाम आने के बाद उन्होंने ट्रायल्स में हिस्सा नहीं लिया, जिसके चलते उन्हें टीम में नहीं चुना जा सकता। खेल संघ किसी मुक्केबाज की फिटनेस की जांच करने के बाद ही उसे टूर्नामेंट के लिए चुनता है। हालांकि मटोरिया ने कहा कि मैं विजेंदर से लगातार संपर्क में हूं। हमें उम्मीद है कि वह इस पूरे मामले से निर्दोष साबित होकर वापसी करेंगे।