भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधू ने बीडब्ल्यूएफ (बीडब्ल्यूएफ) वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए क्वालिफाई कर लिया है। बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। सीजन का यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट नौ से 13 दिसंबर तक चीन के हांगझोउ में खेला जाएगा। सिंधु 2021 के बाद पहली बार इस टूर्नामेंट में हिस्सा लेंगी। महिला एकल वर्ग में सिंधू के अलावा दक्षिण कोरिया की आन से यंग, जापान की अकाने यामागुची और चीन की वांग झी यी तथा चेन यू फेई ने भी टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई किया है।
छठी बार वर्ल्ड टूर फाइनल्स में खेलेंगी सिंधू
यह पीवी सिंधू के करियर का छठा वर्ल्ड टूर फाइनल्स होगा। इससे पहले वह 2022 के संस्करण के लिए भी क्वालिफाई करने में सफल रही थीं, लेकिन चोट के कारण उन्हें टूर्नामेंट से अपना नाम वापस लेना पड़ा था। सिंधू इस टूर्नामेंट में महिला एकल का खिताब जीतने वाली इकलौती भारतीय खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2018 में जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराकर यह खिताब अपने नाम किया था।
पीवी सिंधू
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हाइलो ओपन का खिताब बना क्वालिफिकेशन की बड़ी वजह
- सिंधू के हालिया हाइलो ओपन खिताब ने वर्ल्ड टूर फाइनल्स में उनकी जगह पक्की करने में अहम भूमिका निभाई। सुपर 500 टूर्नामेंट का खिताब जीतने पर उन्हें 9200 रैंकिंग अंक मिले, जिसके बाद वह बीडब्ल्यूएफ की ताजा विश्व रैंकिंग में दो स्थान की छलांग लगाकर छठे पायदान पर पहुंच गईं।
- यह इस साल सिंधू का दूसरा बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब है। इससे पहले उन्होंने जुलाई में जापान ओपन सुपर 750 का खिताब जीता था। यह दिसंबर 2024 के बाद उनका पहला व्यक्तिगत खिताब भी था। अब उनके नाम कुल सात बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब हो गए हैं।
- हाइलो ओपन से पहले सिंधू फ्रेंच ओपन के फाइनल में भी पहुंची थीं, जहां उन्हें दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी और मौजूदा ओलंपिक एवं विश्व चैंपियन दक्षिण कोरिया की आन से यंग के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।
तीन स्थानों के लिए जारी है मुकाबला
गैर-थॉमस कप वर्षों में आयोजित होने वाले वर्ल्ड टूर फाइनल्स में साल के अंत की विश्व रैंकिंग के आधार पर शीर्ष आठ खिलाड़ियों या जोड़ियों को जगह दी जाती है। महिला एकल वर्ग में शेष तीन स्थानों के लिए कई खिलाड़ियों के बीच मुकाबला जारी है। इनमें जापान की तोमोका मियाजाकी और नोजोमी ओकुहारा, थाईलैंड की रत्चानोक इंतानोन और पोर्नपावी चोचुवोंग, इंडोनेशिया की पुत्री कुसुमा वारदानी तथा डेनमार्क की लाइन क्रिस्टोफरसन शामिल हैं।
फिटनेस पर ध्यान देने के लिए लिया ब्रेक
हाइलो ओपन का खिताब जीतने के कुछ दिनों बाद सिंधू ने कोरिया ओपन और जापान मास्टर्स से हटने का फैसला किया था। उन्होंने यह ब्रेक आराम करने और अपनी फिटनेस पर ध्यान देने के लिए लिया, ताकि दिसंबर में होने वाले बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर फाइनल्स के लिए पूरी तरह तैयार रह सकें। 2022 के बाद यह पहला सीजन है, जब सिंधू ने एक साल में दो या उससे अधिक बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड टूर खिताब जीते हैं। उनका शानदार प्रदर्शन भारतीय बैडमिंटन के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि है।