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बीएफआई: निलंबित महासचिव की बैठक पर अदालत ने लगाई रोक, अगली सुनवाई तक स्थगित रखने का निर्देश; जानें मामला

Tue, 27 Oct 2026 08:02 PM IST
शोभित चतुर्वेदी स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह की याचिका पर सुनवाई की। अदालत ने निलंबित महासचिव प्रमोद कुमार द्वारा बुलाई गई आम सभा को स्थगित रखने का आदेश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।
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बीएफआई अध्यक्ष अजय सिंह - फोटो : ANI
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विस्तार
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पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने मंगलवार को भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के निलंबित महासचिव प्रमोद कुमार को बुधवार को प्रस्तावित आम सभा की बैठक को मामले की अगली सुनवाई तक स्थगित रखने का निर्देश दिया। अदालत ने यह आदेश महासंघ के अध्यक्ष अजय सिंह की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। मामले की अगली सुनवाई 13 नवंबर को होगी।
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अजय सिंह ने दी है चुनौती
यह आदेश ऐसे समय आया है, जब विश्व मुक्केबाजी ने 23 अक्टूबर को ईमेल के जरिए स्पष्ट किया था कि किसी भी राष्ट्रीय महासंघ की आम सभा की बैठक संबंधित भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के लागू संविधान के प्रावधानों के अनुरूप ही बुलाई और संचालित की जानी चाहिए। न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया ने अजय सिंह की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए कहा कि अगली सुनवाई तक आम सभा की बैठक स्थगित रखी जाए। सिंह ने आठ अक्तूबर को जारी उस नोटिस को चुनौती दी है, जिसमें उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने और इस उद्देश्य से महासंघ की आम सभा बुलाने की बात कही गई थी।

अदालत ने अपने आदेश में क्या कहा? 
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि दूसरे प्रतिवादी को निर्देश दिया जाता है कि वह अगली सुनवाई की तारीख तक आम सभा की बैठक स्थगित रखे। अदालत के आदेश में याचिकाकर्ता की इस दलील का उल्लेख किया गया कि बीएफआई के संविधान के अनुसार अध्यक्ष को पद से हटाने के लिए विशेष रूप से बुलाई गई आम सभा में कम से कम तीन-चौथाई सदस्यों के समर्थन वाला अविश्वास प्रस्ताव जरूरी है। याचिका में यह भी कहा गया कि विशेष आम सभा की बैठक केवल अध्यक्ष बुला सकता है या फिर कार्यकारी समिति के दो-तिहाई सदस्यों के अनुरोध पर इसे आयोजित किया जा सकता है।
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महासंघ ने संविधान के अनुच्छेद 33(दो) का हवाला देते हुए कहा कि अध्यक्ष अपने विवेक से विशेष आम सभा बुला सकता है। इसके अलावा, कार्यकारी परिषद के दो-तिहाई सदस्यों की ओर से लिखित अनुरोध मिलने पर 30 दिन के भीतर बैठक बुलाना आवश्यक है। बीएफआई के अनुसार, मौजूदा मामले में इन दोनों में से किसी भी शर्त का पालन नहीं किया गया। इसलिए निलंबित महासचिव की ओर से बुलाई गई कथित बैठक को महासंघ ने नियमों के विरुद्ध बताया।

महासंघ ने संविधान के अनुच्छेद 26(तीन) का उल्लेख करते हुए कहा कि महासचिव अध्यक्ष की सलाह पर ही आम परिषद और कार्यकारी परिषद की बैठक बुला सकता है। बीएफआई ने सदस्यों से आंतरिक विवादों और अन्य व्यवधानों से दूर रहकर भारतीय मुक्केबाजी के ओलंपिक स्वर्ण पदक के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह भी किया।
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