कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियों के बीच में भारतीय शूटिंग टीम का अनुबंध तोड़कर चले गए रूसी एयर राइफल कोच लाजलो सुजैक को एक बार फिर एनआरएआई ने अपने साथ जोड़ने की कोशिशें शुरू कर दी हैं। लेकिन ईरानी शूटिंग टीम के इस कोच ने काफी बड़े वेतन की डिमांड कर दी है। बावजूद इसके एनआरएआई की ओर से उनसे समझौते की कोशिशें चल रही हैं, साथ ही उन्हें किस तरह भारत लाया जा सकता है इसकी जुगत भी लगाई जा रही है। यही नहीं स्कीट शूटरों के लिए अटलांटा ओलंपिक चैंपियन इटली के एनियो फाल्को के अलावा जूनियर ट्रैप शूटरों के लिए सान मैरिनो की डेनियाला डेल डिन को लाने की तैयारी है।
भारतीय एयरराइफल शूटरों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता में लाजलो सुजैक के योगदान को एनआरएआई बखूबी जानती है। बीजिंग ओलंपिक के बाद जब अचानक लाजलो कम वेतन का हवाला देते हुए टीम छोड़ गए थे तो उस वक्त भी एनआरएआई ने उन्हें रोकने की बहुत कोशिश की। लेकिन लाजलो को ईरान से इतना अच्छा प्रस्ताव मिला कि उन्हाेंने वापस आने की जरूरत नहीं समझी। आज ईरानी एयर राइफल महिला शूटरों ने विश्व स्तर पर अपनी चमक बिखेर दी है। इसमें साफतौर पर लाजलो का योगदान माना जा रहा है।
एनआरएआई के अध्यक्ष रणइंदर सिंह का कहना है कि जूनियर शूटरों को इस वक्त लाजलो के जैसे कोच की जरूरत है। सीनियर में लैपिडस उनके पास हैं। हालांकि रूसी कोच ने 15 हजार डॉलर प्रति माह की बड़ी डिमांड रखी है। इसके लिए उनसे पूरे साल का नहीं बल्कि दिनों के हिसाब से अनुबंध की पेशकश रखी जाएगी। इससे लाजलो का भी काम बन जाएगा जबकि खेल मंत्रालय की तय सीमा सात हजार प्रति माह को भी पूरा किया जा सकता है। लेकिन इस दिशा में अभी बात चल रही है। राइफल ही नहीं पिस्टल शूटिंग के लिए कुछ विदेशी प्रशिक्षकों का चिह्नित किया गया है। लेकिन अंतिम नाम तय नहीं हुआ है। फाल्को व डेल डिन पर अंतिम राय बन चुकी है। जबकि सीनियर ट्रैप व डबल ट्रैप के लिए मार्सेलो द्रादी से ही काम चलाया जाएगा।