प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियनशिप जीतने पर अनाहत सिंह को बधाई दी है। अनाहत में कनाडा में खेले गए इस टूर्नामेंट के फाइनल में मिस्र की दूसरी वरीयता प्राप्त रुकय्या सालेम को 11-3, 11-7, 11-9 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही वह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। इतना ही नहीं, उन्होंने 15 वर्षों से इस प्रतियोगिता पर चले आ रहे मिस्र के एकछत्र राज का भी अंत कर दिया।
अनाहत सिंह की जीत क्यों खास
- अनाहत सिंह जूनियर विश्व स्क्वैश चैंपियन बनने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गई हैं।
- फाइनल में उन्होंने मिस्र की दूसरी वरीय रुकय्या सालेम को 3-0 (11-3, 11-7, 11-9) से हराया।
- 18 वर्षीय अनाहत ने पूरे फाइनल में शुरुआत से अंत तक अपना दबदबा बनाए रखा।
- उन्होंने जोशना चिनप्पा के 2005 के उपविजेता प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए भारत को पहला जूनियर विश्व खिताब दिलाया।
- अनाहत ने पूरे टूर्नामेंट में छह मैच खेले और सिर्फ दो गेम गंवाए, जो उनके शानदार प्रदर्शन को दर्शाता है।
- उन्होंने अभियान की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया की लिली विल्सन को सीधे गेमों में हराकर की।
- इसके बाद हॉन्गकॉन्ग की क्लो लो और मलयेशिया की डॉयस ली को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।
- क्वार्टर फाइनल में उन्होंने मिस्र की हबीबा रिज्क को 3-1 से मात दी।
- सेमीफाइनल में भी उन्होंने मिस्र की बार्ब सामेह को 3-1 से हराकर फाइनल का टिकट कटाया।
- फाइनल में सालेम को हराकर अनाहत ने 2011 से चले आ रहे मिस्र के लगातार जूनियर विश्व खिताब जीतने के सिलसिले को भी खत्म कर दिया।
- पिछले साल काहिरा में अनाहत ने कांस्य पदक जीतकर भारत का 15 साल का व्यक्तिगत पदक का इंतजार खत्म किया था, इस बार उन्होंने उसे स्वर्ण में बदल दिया।
अनाहत की उपलब्धि पर पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, '2026 विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप में एक ऐतिहासिक उपलब्धि। अनाहत सिंह पर गर्व है, जिन्होंने गोल्ड मेडल जीता और विश्व जूनियर चैंपियनशिप का खिताब जीतने वाली पहली भारतीय स्क्वैश खिलाड़ी बनीं। यह उपलब्धि युवाओं के बीच स्क्वैश को और लोकप्रिय बनाएगी।'