भारत के युवा ग्रैंडमास्टर प्रगनाननंदा शतरंज विश्व कप में रजत पदक जीतने के बाद चर्चा में है। पोलियो से ग्रसित पिता के इस बेटे की कहानी लोगों को काफी प्रेरित कर रही है। प्रगनाननंदा विश्व कप के फाइनल में भले ही दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन से हार गए, लेकिन उन्होंने करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया। प्रगनाननंदा ने फाइनल मैच में हार के बाद पहली बार सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीर शेयर की।
प्रगनाननंदा के साथ उनकी मां नागलक्ष्मी भी नजर आ रही हैं। उन्होंने लिखा, ''फीडे विश्व कप 2023 में रजत पदक जीतने और कैंडिडेट्स 2024 के लिए क्वालीफाई करने से बेहद उत्साहित हूं। आप में से प्रत्येक के प्यार, समर्थन और प्रार्थनाओं के लिए आभारी हूं। शुभकामनाओं के लिए आप सभी को धन्यवाद। मेरी सदैव सहयोगी, सबसे खुश और गौरवान्वित अम्मा के साथ।''
'प्रगनाननंदा को अभी लंबी दूरी तय करनी है'
प्रगनाननंदा की मां नागलक्ष्मी ने कहा कि वह अपने को गौरवान्वित महसूस कर रही हैं कि उनके बेटे ने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई कर लिया है। हालांकि, उनका मानना है कि प्रगनाननंदा को अभी लंबी दूरी तय करनी है। कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से चैलेंजर तय होगा जो चीन के विश्व चैंपियन लिरेन डिंग से भिड़ेगा। प्रगनाननंदा की सफलता में उनकी मां का बड़ा योगदान है, जो हर टूर्नामेंट में उनके साथ रहती है। खुद उनके लिए खाना तैयार करती हैं और बेटे के लिए प्रतियोगिता से पहले अच्छा वातावरण बनाए रखने में मदद करती हैं।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार वह विदेश में स्टोव और बर्तन साथ लेकर जाती हैं ताकि बेटे को मां के हाथ का बना भोजन मिलता रहे और उन्हें बाहर के खाने से उन्हें स्वास्थ्य संबंधी कोई दिक्कत न हो। नागलक्ष्मी ने कहा कि हम बहुत खुश हैं कि वह टूर्नामेंट के फाइनल तक पहुंचने में सफल रहा। इस बात की और भी खुशी है कि उसने कैंडिडेट्स टूर्नामेंट के लिए क्वालिफाई भी किया। उन्होंने बताया कि वह अभी बाकू से जर्मनी रवाना होगा और उसके बाद 30 अगस्त को भारत लौटेगा।