प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को आइची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मुलाकात करेंगे। दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में शाम करीब 4:30 बजे होने वाले इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री खिलाड़ियों, उनके प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ से बातचीत करेंगे। इस दौरान वह एशियाई खेलों में भारतीय दल के प्रदर्शन की सराहना करने के साथ सभा को संबोधित भी करेंगे। जापान में आयोजित एशियन गेम्स में भारत ने कुल 85 पदक जीते और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारतीय खिलाड़ियों ने 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक अपने नाम किए। हालांकि, भारत इस बार पिछले एशियाड के अपने रिकॉर्ड प्रदर्शन को दोहराने में नाकाम रहा। वर्ष 2023 में चीन के हांगझोऊ में हुए एशियाई खेलों में भारतीय दल ने 107 पदक जीते थे।
पीएम मोदी
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कब और कहां होगा पीएम मोदी का कार्यक्रम?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को शाम करीब 4:30 बजे नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद राष्ट्रीय स्टेडियम में भारतीय दल से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, कार्यक्रम में एशियाई खेलों में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी, उनके प्रशिक्षक और सहयोगी स्टाफ शामिल होंगे। इसके अलावा भारतीय ओलंपिक संघ के पदाधिकारी, राष्ट्रीय खेल महासंघों के प्रतिनिधि और युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। प्रधानमंत्री खिलाड़ियों से बातचीत करेंगे और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश का प्रतिनिधित्व करने के उनके अनुभवों पर चर्चा करेंगे।
एशियन गेम्स 2026
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85 पदकों के साथ चौथे स्थान पर रहा भारत
भारत ने एशियन गेम्स 2026 में कुल 85 पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। इनमें 21 स्वर्ण, 27 रजत और 37 कांस्य पदक शामिल रहे। इस तरह भारत लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों में शीर्ष पांच देशों में शामिल रहा। हालांकि, पदकों की कुल संख्या पिछले संस्करण की तुलना में कम रही। हांगझोऊ में भारत ने 107 पदक जीते थे, जिनमें 28 स्वर्ण, 38 रजत और 41 कांस्य शामिल थे। इस बार भारत को कुल 22 पदक कम मिले और स्वर्ण पदकों की संख्या भी सात घट गई। भारतीय अभियान की शुरुआत अपेक्षाकृत धीमी रही। कई दिनों तक भारत पदक तालिका में अपनी उम्मीदों के मुताबिक आगे नहीं बढ़ पाया। हालांकि, प्रतियोगिता के अंतिम दो दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने जोरदार वापसी की और 11 स्वर्ण पदक जीतकर देश को चौथे स्थान पर बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
टीम स्पर्धाओं में भारत का रहा दबदबा
एशियाई खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने कई टीम स्पर्धाओं में शानदार प्रदर्शन किया। क्रिकेट में पुरुष और महिला, दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीते। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने फाइनल में मलेशिया को 5-1 से हराकर खिताब बरकरार रखा। इस जीत के साथ टीम ने 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए सीधे क्वालिफिकेशन भी हासिल किया। कबड्डी में भी भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने स्वर्ण पदक जीतकर अपना दबदबा कायम रखा। इन सफलताओं ने दिखाया कि बड़े मुकाबलों में टीम के रूप में भारत की ताकत लगातार बनी हुई है।
तीरंदाजी, मुक्केबाजी और कुश्ती ने बढ़ाया भारत का मान
- तीरंदाजी भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतने वाले प्रमुख खेलों में शामिल रही। भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में पांच स्वर्ण पदक जीते। महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में कुमकुम अनिल मोहोद ने स्वर्ण जीतकर खास उपलब्धि हासिल की। उन्होंने महिला टीम स्पर्धा में भी स्वर्ण और मिश्रित टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता।
- मुक्केबाजी में भारत ने तीन स्वर्ण पदक अपने नाम किए। वहीं, कुश्ती में भारतीय पहलवानों ने छह पदक जीते, जिनमें दो स्वर्ण शामिल रहे। अमन सहरावत ने पुरुषों के 57 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश को बड़ी सफलता दिलाई।
- गोल्फ में प्रणवी उर्स ने महिला व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचा। वहीं, भाला फेंक में यशवीर सिंह और रोहित यादव ने क्रमशः रजत और कांस्य पदक जीतकर भारत को एक ही स्पर्धा में दो पदक दिलाए।
एथलेटिक्स में पदक ज्यादा, लेकिन स्वर्ण की कमी
एथलेटिक्स भारत के लिए सबसे ज्यादा पदक लाने वाला खेल रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने इस स्पर्धा में कुल 24 पदक जीते, जिनमें एक स्वर्ण, नौ रजत और 14 कांस्य पदक शामिल थे। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने एथलेटिक्स में छह स्वर्ण पदक जीते थे। इस बार यह संख्या घटकर एक रह गई। महिलाओं की 4x400 मीटर रिले टीम ने स्वर्ण पदक जीता, लेकिन कई व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी स्वर्ण पदक तक नहीं पहुंच सके। गुलवीर सिंह ने लंबी दूरी की दौड़ में लगातार तीन पदक जीतकर अपनी छाप छोड़ी। वहीं, विथ्या रामराज ने महिलाओं की 400 मीटर बाधा दौड़ में भारतीय रिकॉर्ड तोड़ा और रिले टीम के स्वर्ण पदक अभियान में भी योगदान दिया।
निशानेबाजी और बैडमिंटन में मिली निराशा
निशानेबाजी में भारत ने कुल 15 पदक जीते, जिनमें तीन स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य शामिल रहे। हालांकि, पिछले एशियाई खेलों में इस खेल में भारत ने सात स्वर्ण पदक जीते थे। इस बार प्रदर्शन में गिरावट देखने को मिली। दो ओलंपिक पदक जीत चुकीं मनु भाकर भी इस बार पदक नहीं जीत सकीं।
दूसरी ओर, बैडमिंटन में भारतीय दल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। भारत को इस खेल में केवल पुरुष टीम स्पर्धा में कांस्य पदक मिला। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी कोई पदक नहीं जीत सके। पिछले एशियाई खेलों में भारत ने बैडमिंटन में तीन पदक जीते थे, जिनमें एक स्वर्ण भी शामिल था।
एशियन गेम्स में भारतीय अभियान समाप्त
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501 खिलाड़ियों ने लिया था हिस्सा
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के लिए 501 खिलाड़ियों का दल भेजा था। इनमें 310 खिलाड़ी पहली बार एशियाई खेलों में हिस्सा लेने पहुंचे थे। इतने बड़े दल की मौजूदगी भारतीय खेलों में बढ़ते दायरे और नई प्रतिभाओं के सामने आने का संकेत है। हालांकि, इस बार पदकों की संख्या पिछले संस्करण से कम रही, लेकिन अलग-अलग खेलों में भारतीय खिलाड़ियों की सफलता ने भविष्य के लिए उम्मीदें भी जगाई हैं। खासकर तीरंदाजी, मुक्केबाजी, कुश्ती और टीम स्पर्धाओं में भारत का प्रदर्शन सकारात्मक रहा।
भारत के लिए आगे की चुनौती क्या होगी?
एशियन गेम्स 2026 का प्रदर्शन भारत के लिए मिली-जुली तस्वीर पेश करता है। एक ओर 85 पदकों के साथ चौथा स्थान हासिल करना और टीम स्पर्धाओं में कई स्वर्ण जीतना बड़ी उपलब्धि रही। दूसरी ओर, पिछले संस्करण के मुकाबले 22 पदक कम जीतना और एथलेटिक्स तथा निशानेबाजी में स्वर्ण पदकों की संख्या घटना चिंता का विषय है।
अंतिम दो दिनों में भारतीय खिलाड़ियों ने 11 स्वर्ण पदक जीतकर अभियान को शानदार तरीके से समाप्त किया, लेकिन भविष्य में चुनौती इस प्रदर्शन को पूरे टूर्नामेंट के दौरान बनाए रखने की होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ होने वाली मुलाकात में भारतीय खिलाड़ियों की उपलब्धियों और उनके अनुभवों पर चर्चा होगी। यह अवसर देश के खेल सितारों के प्रदर्शन को सम्मान देने के साथ भारतीय खेलों की आगे की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करने का भी होगा।