पिछले वित्तीय वर्ष में वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने अपने बजट में खेलों पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया था। तब उन्होंने 31 करोड़ की मामूली बढ़ोतरी की थी। उन्होंने यूथ अफेयर्स एंड स्पोर्ट्स मंत्रालय को कुल 1152 करोड़ रुपये दिए थे जबकि 2011 में इस मंत्रालय को 1121 करोड़ रुपये दिए गए थे।
1152 करोड़ रुपये में से 721.98 करोड़ रुपये खेलों के लिए जबकि 430.02 करोड़ रुपये यूथ वेलफेयर स्कीम के लिए दिए गए थे। अब देखना यह है कि इस बार वित्त मंत्री पी चिदंबरम खेल और खिलाड़ियों पर कितने मेहरबान होते हैं। खेल और खिलाड़ियों दोनों की निगाहें चिंदबरम के पिटारे पर हैं।
2012 के बजट में किसे कितना पैसा मिला
:- 258 करोड़ रुपये स्पोर्ट्स अथारिटी ऑफ इंडिया (साई) को मिले।
:- 110 करोड़ रुपये नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन को मिले।
:- 04 करोड़ रुपये एंटी डोपिंग कार्यों के लिए दिए गए।
:- 2.50 करोड़ रुपये नेशनल डोप टेस्ट लेबोरेट्री को दिए गए।
:- 15 करोड़ रुपये ग्वालियर स्थित लक्ष्मी नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फिजिकल को मिले।
:- 215 करोड़ रुपये पंचायत युवा क्रीड़ा और खेल अभियान के तहत चल रही कई स्कीमों को दिए गए।
:- 14.5 करोड़ रुपये अर्बन स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्र योजना के तहत दिए गए।
:- 05 करोड़ रुपये नेशनल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट फंड को दिए गए।
:- 11 करोड़ रुपये नेहरू युवा केंद्र संस्थान को मिले।
:- 08 करोड़ रुपये नेशनल सर्विस योजना के तहत दिए गए।
:- 02 करोड़ रुपये राजीव गांधी नेशनल इस्टिट्यूट ऑफ यूथ डेवलपमेंट को दिए गए।
:- 07 करोड़ रुपये खिलाड़ियों को प्रोत्साहन देने के लिए निर्धारित किया गया।