पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट को सच बोलने की सजा मिली है। पाकिस्तान हॉकी संघ (पीएचएफ) के अध्यक्ष तारिक बुगती ने अम्माद पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा बुगती ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। आइये पूरा मामला जानते हैं...
पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान अम्माद शकील बट को शहबाज सरकार की पोल खोलना भारी पड़ा है। उन पर दो साल का प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध पाकिस्तान हॉकी संघ (पीएचएफ) के अध्यक्ष तारिक बुगती ने अम्माद पर लगाया। वहीं, इस कार्रवाई के बाद बुगती ने अपने पद से भी इस्तीफा दे दिया। दरअसल, बुधवार को पाकिस्तान हॉकी टीम के कप्तान ने हालिया ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटने के बाद राष्ट्रीय महासंघ की जमकर आलोचना की थी। उन्होंने कहा, इस दौरे के दौरान उनकी टीम को न केवल होटल में बुकिंग नहीं होने के कारण सड़कों पर भटकना पड़ा, बल्कि मैच खेलने के लिए जाने से पहले बर्तन भी धोने पड़े।
कप्तान अम्माद को मिली सच बोलने की सजा?
बुगती ने कहा कि उन्होंने अपना इस्तीफा संघ के मुख्य संरक्षक प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को भेज दिया है। उन्होंने कहा, 'मैंने अपना इस्तीफा पीएम को भेज दिया है, लेकिन मैं उनसे और फील्ड मार्शल आसिम मुनीर से गुजारिश करता हूं कि वे एफआईएच प्रो लीग हॉकी के दौरान ऑस्ट्रेलिया में हुई पूरी स्थिति की निष्पक्ष जांच करें।' इस दौरान बुगती ने कप्तान अम्माद शकील बट पर लगाए गए प्रतिबंध का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अम्माद को दो साल के लिए घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हॉकी से दो साल के लिए प्रतिबंधित किया गया है।
शहबाज शरीफ और पाकिस्तान हॉकी टीम
- फोटो : ANI/Instagram
कप्तान बट ने किया बगावत का एलान
अम्माद शकील बट ने बुधवार को बगावत का एलान करते हुए कहा था, 'हम महासंघ के मौजूदा प्रबंधन के रहते हुए खेलना जारी नहीं रख सकते। जब खिलाड़ियों को मैच खेलने जाने से पहले रसोई साफ करनी पड़ती है और बर्तन धोने पड़ते हैं तो आप हमसे कैसे अच्छे परिणाम की उम्मीद कर सकते हैं।' सरकारी स्वामित्व वाले पाकिस्तान खेल बोर्ड (पीएसबी) ने यह पुष्टि की थी कि उसने ऑस्ट्रेलिया में राष्ट्रीय टीम के होटल में ठहरने की व्यवस्था के लिए पीएचएफ को एक करोड़ से अधिक पाकिस्तानी रुपये दिए थे। इसके बाद पीएचएफ को कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा।
हवाई अड्डे पर करना पड़ा इंतजार
पाकिस्तान हॉकी टीम को कैनबरा जाने वाली अपनी अगली उड़ान से पहले सिडनी हवाई अड्डे पर 13-14 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इससे भी अधिक चिंताजनक खबरें तब सामने आईं जब टीम एफआईएच प्रो लीग मैचों से पहले अपने होटल में पहुंची थी। खिलाड़ियों को बताया गया कि उनकी कोई बुकिंग नहीं है क्योंकि होटल को किसी तरह का अग्रिम भुगतान नहीं किया गया था। बट ने यह भी आरोप लगाया कि ज्यादातर खिलाड़ियों को पिछले एक साल से पीएसबी और पीएचएफ से उनके डेली अलाउंस नहीं मिले हैं।
पीएसबी और पीएचएफ में छिड़ी जंग
इस मामले में पाकिस्तान खेल बोर्ड और पीएचएफ एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे हैं। बुगती ने पीएसबी को कसूरवार ठहराते हुए कहा कि आस्ट्रेलिया दौरे पर सारे इंतजाम उसी ने किए थे। वहीं, जब दस लाख रूपये से अधिक के चेक के बारे में पूछा गया जो पीएसबी ने दिए थे, बुगती ने कोई जवाब नहीं दिया।
मुख्य कोच ने भी की इस्तीफे की पेशकश
पाकिस्तानी टीम के मुख्य कोच ताहिर जमां ने भी इस्तीफे की पेशकश की लेकिन कहा कि कप्तान समेत कुछ खिलाड़ी अनुशासनहीन हैं जिन्होंने दूसरे खिलाड़ियों को अपशब्द कहे जिससे प्रदर्शन पर असर पड़ा। पाकिस्तान सारे आठ मैच हारकर नौ टीमों में आखिरी स्थान पर है। अब वह विश्व कप के आखिरी क्वालिफाइंग टूर्नामेंट में भाग लेने मिस्र जाएगा।
पाकिस्तानी हॉकी खिलाड़ी
- फोटो : Instagram
सड़कों पर भटकते रहे पाकिस्तानी खिलाड़ी
इससे पहले कप्तान बट ने बताया था कि खिलाड़ियों को घंटों इंतजार करना पड़ा और होटल की व्यवस्था होने से पहले वे सड़कों पर भटकते रहे। अगले दिन दोपहर को उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ अपना पहला मैच खेलना था, जिसमें टीम 2-3 से हार गई। ऑस्ट्रेलिया दौरे के दौरान पाकिस्तान ने मेजबान टीम के अलावा जर्मनी के खिलाफ भी मैच खेले, लेकिन वह सभी मैच हार गया।
'10 दिन के बाद हमें एक सस्ते होटल में रुकना पड़ा'
बट ने कहा, 'सबसे दुखद बात यह थी कि एयरबीएनबी ने केवल 10 दिन के लिए होटल बुक किया था, जबकि हमें 13 दिन तक रुकना था। 10 दिन के बाद हमें एक सस्ते होटल में रुकना पड़ा।' पीएसबी के महानिदेशक नूर उस सबाह ने मीडिया को बताया कि प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और वह एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं। शरीफ पीएचएफ के मुख्य संरक्षक हैं।